
इंडिया रिपोर्टर लाइव
बेंगलुरु 10 नवंबर 2025। सेंट्रल जेल की वीडियो वायरल होने पर हंगामा हो गया है। कर्नाटक भाजपा ने इस मुद्दे पर सीएम आवास का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दरअसल बंगलूरू सेंट्रल जेल के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कैदी जेल के भीतर पार्टी करते और आराम से मोबाइल फोन चलाते नजर आ रहे हैं। इस मुद्दे पर राज्य सरकार घिरती नजर आ रही है।
भाजपा ने सीएम और गृह मंत्री का इस्तीफा मांगा
कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि ‘सिद्धारमैया सरकार देश विरोधी तत्वों और आतंकियों का समर्थन कर रही है। वीडियो में दिख रहा है कि आतंकियों को किस तरह से जेल के भीतर सुविधाएं दी जा रही हैं। वहां सभी के पास टीवी, मोबाइल फोन और शराब है। सीएम सिद्धारमैया और गृह मंत्री जी परमेश्वरन को इस्तीफा देना चाहिए।’ कर्नाटक विधान परिषद में नेता विपक्ष चलावादी नारायणस्वामी ने कहा कि ‘आतंकियों को जेल के भीतर फाइव स्टार जैसी सुविधाएं क्यों दी जा रही हैं? सवाल पूछने के लिए सरकार हमें गिरफ्तार करना चाहती है, लेकिन आतंकियों को नहीं। ये सरकार आतंकियों और अपराधियों की है। यही वजह है कि राज्य में कानून व्यवस्था इतनी खराब है। इसी के खिलाफ हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।’
विधानसभा में नेता विपक्ष आर अशोक ने कहा कि ‘कर्नाटक की जेलें, सिद्धारमैया की जेल बन गई हैं। वहां आतंकियों को मोबाइल फोन दिए जा रहे हैं। कर्नाटक की सरकार को आम लोगों को सुरक्षा देनी चाहिए, लेकिन ये आतंकियों को सुरक्षा दे रही है। हम न्याय चाहते हैं और चाहते हैं कि एनआईए और सीबीआई इसकी जांच करे।’
भाजपा ने की एनआईए जांच की मांग
विधानसभा में नेता विपक्ष आर अशोक ने कहा कि ‘कर्नाटक की जेलें, सिद्धारमैया की जेल बन गई हैं। वहां आतंकियों को मोबाइल फोन दिए जा रहे हैं। कर्नाटक की सरकार को आम लोगों को सुरक्षा देनी चाहिए, लेकिन ये आतंकियों को सुरक्षा दे रही है। हम न्याय चाहते हैं और चाहते हैं कि एनआईए और सीबीआई इसकी जांच करे।’ भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि ‘कांग्रेस सरकार में जेलों के भीतर आतंकियों को हर सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और इसके पीछे कौन है, ये तभी पता चलेगा, जब एनआईए इसकी जांच करेगी।’
क्या बोले गृह मंत्री जी परमेश्वर
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने लीक हुए जेल के वीडियो और विपक्ष के हंगामे को लेकर कहा कि ‘मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि एक गैर-कानूनी घटना हुई है। इसकी जांच के लिए बैठक हुई। जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे 2023 के हैं, कल या परसों के नहीं। सिर्फ एक या दो फोटो 3-4 महीने पुराने हैं। इसकी जिम्मेदारी तीन लोगों पर है। जेल के चीफ सुपरिटेंडेंट के. सुरेश पर, उनका ट्रांसफर कर दिया गया है। उनकी जगह पहली बार एक आईपीएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। अब से परप्पना अग्रहारा जेल का प्रबंधन आईपीएस अधिकारी करेंगे। एक नई उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी। वे जेलों में होने वाले सभी मामलों की समीक्षा करेंगे और एक पूरी रिपोर्ट सौंपेंगे। साथ ही जेल सुपरिटेंडेंट मैगेरी को बर्खास्त कर दिया गया है। ASP अशोक भजंत्री को भी बर्खास्त कर दिया गया है। सभी जेलों में सीसीटीवी सर्विलांस है; 1,000 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरे हैं। अब हम सभी जेलों की निगरानी के लिए एक मुख्यालय बनाएंगे ताकि सीसीटीवी फुटेज की सीधे समीक्षा की जा सके।


