रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को बड़ा झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

indiareporterlive
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

मुंबई 09 नवंबर 2020।  मुंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अर्नब जमानत के लिए निचली अदालत का रुख कर सकते हैं। इसके बाद अर्नब गोस्वामी ने अलीबाग सेशन कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका को भी सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया।

बता दें कि अर्नब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रायगढ़ पुलिस ने मुंबई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। इस मामले में अर्नब के अलावा दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नीतीश सारदा को गिरफ्तार किया गया था।उन्हें न्यायालय से 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर रखा गया।  

जस्टिस एस एस शिंदे और एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को असाधारण क्षेत्राधिकार के तहत रिहा करने का कोई मामला नहीं बनता है। पीठ ने कहा कि अर्नब गोस्वामी को जमानत के लिए पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट फिर सत्र न्यायालय में आवेदन करना होगा। वहां से जमानत नहीं मिलने पर ही वह उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर कर सकते हैं।इस मामले में कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। 
उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत अर्जी पर अपना फैसला शनिवार को सुरक्षित रखते हुए कहा था कि मामले के अदालत में लंबित होने का यह मतलब नहीं है कि आरोपी सत्र अदालत से सामान्य जमानत का अनुरोध नहीं कर सकते। 

क्या है मामला –

अर्नब गोस्वामी को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को 2018 में कथित तौर पर खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में चार नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। अन्वय का आरोप था कि अर्नब और अन्य आरोपियों की कंपनियों से बकाया नहीं मिलने के कारण उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।

अर्नब को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा 

मुंबई स्थित आवास से गिरफ्तार किए जाने के बाद अर्नब को अलीबाग ले जाया गया, जहां मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने अर्नब को पुलिस हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया। उच्च न्यायालय ने अर्नब और दो अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मोबाइल चलाते पकड़े जाने के बाद जेल में रखा 

गोस्वामी को शुरुआत में एक स्थानीय स्कूल में रखा गया, जो अलीबाग जेल के लिए अस्थाई कोविड-19 केन्द्र का काम कर रहा है। न्यायिक हिरासत में कथित रूप से मोबाइल फोन का उपयोग करते पकड़े जाने पर गोस्वामी को रायगड जिले की तलोजा जेल भेज दिया गया।

Leave a Reply

Next Post

नगरनार इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए भू-अर्जन का कार्य नवम्बर अंत पूरे कर लिए जाएंगे

शेयर करेकेन्द्रीय केबिनेट सचिव की वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने दी जानकारी इंडिया रिपोर्टर लाइव रायपुर 09 नवम्बर 2020। भारत सरकार के केबिनेट सचिव राजीव गोबा ने आज राज्य के मुख्य सचिवों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों में निर्मित हो रहे बहुउद्देशीय  सड़क परियोजना-रेल परियोजना-लौह-स्टील […]

You May Like

आर्चना कोचर के आउटफिट में मधुरिमा तुली का स्टाइलिश अवतार....|....ग्लोबल स्क्रीन पर लौटेंगे दर्शील सफारी....|....मुंबई में मनोरंजन उद्योग का महाकुंभ....|....गिटम यूनिवर्सिटी ने अकादमिक अनुसंधान पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव आयोजित किया....|....'सीएम योगी की मां, हमारी भी मां'- मौलाना के विवादित बयान पर भड़के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, हरदोई में दी बड़ी चेतावनी....|....6 शादियां भी कम पड़ीं, अब 7वीं की तैयारी; थाने पहुंचा बेटा बोला- 'सर, मेरे पापा को रोकिए!'....|....कटनी में भीषण सड़क हादसा: कार-बाइक की टक्कर में चार लोगों की दर्दनाक मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल....|....आबकारी नीति मामला: सीबीआई के बाद अब ईडी भी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, 19 मार्च को होगी सुनवाई....|.... 'परिवर्तन यात्रा' से भाजपा का बड़ा चुनावी संदेश, भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर ममता सरकार को घेरा....|....पश्चिम एशिया संकट गहराया, कतर से 1,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया