
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 10 मार्च 2026। पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और संघर्ष के कारण, कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पिछले तीन दिनों में, दोहा में फंसे 1,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया गया है। यह जानकारी दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को दी। कतर एयरवेज ने सोमवार को दोहा-नई दिल्ली फ्लाइट संचालित की, जिससे दोहा में फंसे 300 से ज्यादा भारतीय यात्री नई दिल्ली पहुंचे।
भारतीय दूतावास ने साझा की जानकारी
दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में बताया, ‘हम फ्लाइट चलाने और दोहा में भारतीय दूतावास के साथ सहयोग करने के लिए कतर एयरवेज को धन्यवाद देते हैं। कुल मिलाकर, पिछले तीन दिनों में ट्रांजिट या शॉर्ट-टर्म विजिट पर दोहा में फंसे करीब 1,000 भारतीय कतर एयरवेज की फ्लाइट से रवाना हुए हैं। हम कतर एयरवेज के खास तौर पर शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने एक भारतीय नागरिक के शव (प्राकृतिक कारणों से मौत) को वापस लाने और मानवीय आधार पर संबंधित परिवार की यात्रा में मदद की। हम संबंधित परिवार की मदद के लिए भारतीय समुदाय के वॉलंटियर्स को भी धन्यवाद देते हैं।’
पोस्ट में आगे लिखा है कि कतर एयरवेज 10 मार्च को दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए तीन फ्लाइट्स संचालित करने की योजना बना रही है। जो यात्री फंसे हुए हैं, वे भारत पहुंचने के लिए इन फ्लाइट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ईरान-अमेरिका और इस्राइल के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से कई भारतीय, भारत के लिए फ्लाइट्स लेने के लिए सऊदी अरब गए हैं। दूतावास सऊदी वीजा के लिए अनुरोध करने वाले फंसे हुए यात्रियों के मामलों को भी देख रहा है।
सुरक्षा और एहतियात बरतने के निर्देश
कतर में फंसे भारतीय समुदाय को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए कतर के आंतरिक मंत्रालय की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें। पोस्ट में कहा गया है कि ‘कृपया सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें और फोटो न लें या शेयर न करें, खासकर मौजूदा हालात से जुड़ी फोटो न लें। यह भी सलाह दी जाती है कि जानकारी के लिए सिर्फ असली स्त्रोत पर ही भरोसा करें; अफवाहों में न पड़ें।’
ईरान में फंसे नागरिकों के लिए विशेष सलाह
ईरान में भारत ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे एम्बेसी से पहले से कोऑर्डिनेशन किए बिना देश से बाहर यात्रा के लिए ईरान के किसी भी जमीनी बॉर्डर पर न जाएं। एडवाइजरी में आगे कहा गया है कि, ‘एक बार जब कोई व्यक्ति ईरानी इलाके से बाहर निकल जाता है और संबंधित तीसरे देश में नहीं जा पाता है, तो एम्बेसी मदद देने की स्थिति में नहीं होगी।’


