रूस के हमलों के बीच उठे सवाल

इंडिया रिपोर्टर लाइव
यूक्रेन, 15 अक्टूबर 2026। रूस के हमलों के बीच यूक्रेन में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हो गया है, जिसने दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क को कटघरे में ला खड़ा किया है। आरोप है कि यूक्रेन में इस सेवा पर लगी पाबंदियों से यूक्रेनी सेना के संचार और सैन्य अभियानों पर असर पड़ा है। अमेरिकी सांसदों ने भी इस कदम पर सवाल उठाए हैं। अब बहस सिर्फ इंटरनेट सेवा की नहीं, बल्कि इस बात की है कि क्या कोई निजी कंपनी युद्ध के दौरान किसी देश की रक्षा क्षमता को प्रभावित कर सकती है?
स्टारलिंक बंद होने से क्यों मचा बवाल?
यूक्रेन की सेना युद्ध के दौरान स्टारलिंक पर काफी हद तक निर्भर है। इसका इस्तेमाल ड्रोन उड़ाने, खुफिया जानकारी जुटाने और सैनिकों के बीच संपर्क बनाए रखने में किया जाता है। ऐसे में कनेक्टिविटी में रुकावट आने से मोर्चे पर मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई गई। अमेरिकी सांसदों ने आरोप लगाया कि रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन की संचार सेवाओं पर रोक लगाना बेहद गंभीर मामला है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि इस तरह की पाबंदियां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फायदा पहुंचा सकती हैं। वहीं, सांसद प्रमिला जयपाल ने चेतावनी दी कि किसी एक कंपनी के पास युद्ध के दौरान संचार व्यवस्था रोकने की ताकत होना खतरनाक मिसाल बन सकता है।
जेलेंस्की ने मस्क पर उठाए सवाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन के कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि रात करीब एक बजे स्टारलिंक की सेवाएं रोक दी गई थीं। उनके मुताबिक, इसका असर यूक्रेन की सैन्य गतिविधियों और रूसी हमलों से बचाव की कोशिशों पर पड़ा। जेलेंस्की ने कहा कि यह सेवा सिर्फ दुश्मन पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई कि संचार व्यवस्था में बाधा आने से रूसी हमलों को रोकने में मुश्किल हुई और लोगों की जान जाने का खतरा बढ़ा। उन्होंने मस्क के फैसले को बड़ी गलती बताया।
मस्क ने स्टारलिंक और स्टारशील्ड में बताया अंतर
विवाद बढ़ने पर एलन मस्क ने सफाई देते हुए स्टारलिंक और स्टारशील्ड को अलग-अलग सेवाएं बताया। उनके अनुसार, स्टारलिंक स्पेसएक्स की व्यावसायिक सेवा है, जिसका इस्तेमाल नागरिक और रक्षात्मक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। मस्क का कहना है कि व्यावसायिक सेवा का इस्तेमाल आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए करना उचित नहीं होगा। वहीं, स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सैन्य संचार प्रणाली है। मस्क ने स्पष्ट किया कि इस पर गति या इस्तेमाल से जुड़ी पाबंदियों का फैसला अमेरिकी सेना और अंततः राष्ट्रपति करते हैं।
यूक्रेन को अब भी संचार व्यवस्था की चिंता
यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने बताया कि स्टारलिंक कनेक्टिविटी बहाल की जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्टारशील्ड पर लगी गति संबंधी पाबंदियां पूरी तरह हटाने की मांग भी की। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों को स्टारशील्ड पर लगी रोक की पहले से जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा गया कि यह फैसला अमेरिका की उच्चस्तरीय नीति का हिस्सा नहीं था।
भारत में भी स्टारलिंक को लेकर उठे थे सवाल
इस विवाद के बीच भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस देने का मामला भी चर्चा में है। मस्क ने पहले आरोप लगाया था कि कुछ कारोबारी हित उनकी भारत में सेवाएं शुरू करने की योजना में बाधा डाल रहे हैं। इसके जवाब में संचार मंत्रालय ने कहा था कि देश में सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए निष्पक्ष नियम हैं, लेकिन सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करना जरूरी है।

