आईएसआईएस फंडिंग मामले में कई जगहों पर एनआईए की छापेमारी, हिरासत में कई संदिग्ध

indiareporterlive
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

श्रीनगर 11 जुलाई 2021। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की मदद के आरोप में 11 सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद एक और बड़ी खबर है। कश्मीर में टेरर फंडिंग केस में एनआईए ने बड़ा एक्शन लिया है और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग समेत कई जगहों पर एनआईए छापेमारी कर रही है। अनंतनाग में जहां चार जगहों तो श्रीनगर में एक जगह पर छापेमारी हो रही है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुतुाबिक, अनंतनाग में चार जगहों पर छापेमारी के दौरान एनआईए ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं, एक श्रीनगर से गिरफ्तार हुआ है।

बताया जा रहा है कि आतंकियों को फंडिंग के मामले में एनआईए को अहम सुराग मिले हैं। एनआईए की ये छापेमारी ऐसे वक्त में हो रही है, जब एक दिन पहले ही जम्मू कश्मीर सरकार ने आतकंवादी संगठनों के सहयोगी के रूप में कथित तौर पर काम करने को लेकर हिज्बुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों और दो पुलिस कर्मियों सहित अपने 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। 

अधिकारी ने बताया कि बर्खास्त किये गये कर्मचारी शिक्षा, पुलिस, कृषि, कौशल विकास, बिजली, स्वास्थ्य विभाग तथा एसकेआईएमएस (शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से थे। अधिकारियों ने बताया कि इन 11 कर्मचारियों में अनंतनाग से चार, बडगाम से तीन और बारामूला, श्रीनगर, पुलवामा तथा कुपवाड़ा से एक-एक हैं। उन्हें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत बर्खास्त किया गया है। इस अनुच्छेद के तहत कोई जांच नहीं की गई और बर्खास्त कर्मचारी राहत पाने के लिए सिर्फ उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों की निगरानी के लिए गठित समिति ने अपनी दूसरी और चौथी बैठक में क्रमश: तीन और आठ कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। उन्होंने बताया कि हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना के बेटों सैयद अहमद शकील और शाहिद युसूफ को भी आतंकी वित्त पोषण में कथित तौर पर संलिप्त रहने को लेकर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उनमें से एक एसकेआईएमएस में कार्यरत था जबकि दूसरा शिक्षा विभाग में था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने दोनों व्यक्तियों के तार आतंकी वित्त पोषण से जुड़े होने का पता लगाया था। उन्होंने बताया कि समिति की दूसरी बैठक में जिन तीन कर्मचारियों की बर्खास्तगी की सिफारिश की गई, उनमें कुपवाड़ा में आईटीआई में कार्यरत एक व्यक्ति भी शामिल है जो आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा को मदद पहुंचाता था। अधिकारियों ने बताया कि वह सुरक्षा बलों की आवाजाही के बारे में आतंकी संगठनों को सूचना देता था और आतंकवादियों को गुप्त तरीके से गतिविधियां करने में मदद करता था। 

Leave a Reply

Next Post

हाई कोर्ट की कड़ाई काम आई...ट्विटर इंडिया ने विनय प्रकाश को बनाया शिकायत अधिकारी

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 11 जुलाई 2021। भारत सरकार और माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के बीच जारी तनातनी अब विराम लग सकता है। आखिरकार ट्विटर ने भारत के नए आईटी नियमों को मान लिया है। खास बात यह है कि ट्विटर नए आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव की चेतावनी […]

You May Like

परिसीमन और एसआईआर पर रार: खरगे ने की सर्वदलीय बैठक की मांग....|....बस्तर दशहरे में पूरी हुई निशा जात्रा की रस्म....|....कोरबा में आईटीआई छात्र की आत्महत्या से मचा हड़कंप....|....रामानुजगंज छठ घाट पर नहाते समय गहरे पानी में समाया किशोर....|....50 करोड़ का 100 क्विंटल गांजा जब्त, 501 आरोपी गिरफ्तार....|....महाकाल की नगरी से दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू....|....राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा की फाइनल आंसर-की जारी....|....पीरागढ़ी में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग....|....विजयादशमी पर सीएम योगी ने गुरु गोरखनाथ का किया विशेष पूजन....|....बवासीर की समस्या बढ़ा सकती हैं आपकी ये गलतियां