
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर/भिलाई 18 जुलाई 2025। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। अधिकारियों ने बताया कि ईडी मामले में नए सबूत मिलने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत भिलाई शहर में चैतन्य बघेल के घर की तलाशी ले रही है, जहां वे अपने पिता के साथ रहते हैं।
भूपेश बघेल ने ‘एक्स’ पर एक संदेश पोस्ट किया
संघीय जांच एजेंसी ने इसी साल मार्च में चैतन्य बघेल के खिलाफ छापेमारी की थी। ताजा छापेमारी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने ‘एक्स’ पर एक संदेश पोस्ट किया। पोस्ट में कहा गया कि ईडी विधानसभा सत्र के आखिरी दिन उनके भिलाई स्थित आवास पर पहुंची है।

आपराधिक आय हासिल करने का संदेह
ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय हासिल करने का संदेह है। बताया गया कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की वजह से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई।

पीसीसी चीफ ने बताया ईडी की छापेमारी को षड्यंत्र
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर ईडी की रेड का विरोध किया है. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर ईडी की छापेमारी को पूर्व सीएम बघेल के खिलाफ षड्यंत्र बताया है. उन्होंने कहा कि आज उनके निवास पर पुनः ईडी भेज दी गई है. आज तक किसी भी विषय में ईडी सीबीआई ईओडब्लू को कुछ नहीं मिला.. लेकिन हथकंडे जारी हैं.
बता दें कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर ईडी ने छापा मारा था. यह जांच करीब 11 घंटे तक चली थी. उन्होंने खुद बताया था कि टीम उनके निवास से 32-33 लाख रुपए और दस्तावेज टीम ले गई. भूपेश बघेल के आवास सहित चैतन्य बघेल के घर और प्रदेशभर में कुल 14 ठिकानों पर दबिश दी थी. ईडी की अलग-अलग टीमें रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों में एक साथ छापेमारी की थी.


