गृह मंत्री अमित शाह लॉन्च करेंगे LPMS, डिजिटल होगा भारत का बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 08 जून 2026। भारत की सीमा और आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह नई दिल्ली में ‘लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ (LPMS) का शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के विजन को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से सीमा पार व्यापार और यात्री आवागमन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुगम बनाना है।

क्या-क्या करने वाले हैं गृह मंत्री?

इस अवसर पर अमित शाह मेघालय के दावकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट पर विकसित नई स्टेकहोल्डर आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन सुविधाओं से सीमा सुरक्षा से जुड़े कर्मियों और अन्य हितधारकों को बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।

एलपीएमएस क्या है?

लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे देश के सभी लैंड पोर्ट्स की गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए तैयार किया गया है। यह प्रणाली लॉजिस्टिक्स और नियामक सूचनाओं के सुरक्षित एवं रियल-टाइम आदान-प्रदान को संभव बनाएगी, जिससे लैंड पोर्ट्स की कार्यप्रणाली हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों की तरह आधुनिक और डिजिटल हो सकेगी। सरकार के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म सरकारी एजेंसियों और निजी ऑपरेटरों सहित सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा। इससे प्रक्रियाओं में देरी कम होगी और संचालन क्षमता में वृद्धि होगी। LPMS के जरिए कार्गो और यात्रियों की आवाजाही से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा, जिसमें स्लॉट बुकिंग, भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

यह प्रणाली ICEGATE, ULIP और मोटर वाहन इकोसिस्टम जैसे प्रमुख राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से भी जुड़ी होगी, जिससे सीमा प्रबंधन अधिक पारदर्शी, कुशल और इंटरऑपरेबल बन सकेगा।

गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत कार्यरत लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) देश के लैंड पोर्ट्स के विकास और संचालन की जिम्मेदारी संभालती है। वर्तमान में LPAI भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्थित 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन कर रही है। इनमें पंजाब के अटारी और डेरा बाबा नानक, बिहार के रक्सौल और जोगबनी, उत्तर प्रदेश का रूपईडीहा, असम का दर्रंगा, पश्चिम बंगाल का पेट्रापोल, मेघालय का दावकी, असम के सुतारकांडी, गोलकगंज और मनकाचर, त्रिपुरा के अगरतला, श्रीमंतपुर और सबरूम तथा मणिपुर का मोरेह शामिल हैं।

केंद्र सरकार का मानना है कि LPMS का शुभारंभ भारत में आधुनिक और तकनीक-संचालित स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे व्यापार सुविधा, क्षेत्रीय संपर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलने की उम्मीद है।

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