नगर निगम में अधिकारों की लड़ाई

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

 कानपुर, 11 अक्टूबर 2026। कानपुर नगर निगम के गलियारे में मंगल भवन की समितियां भंग करने पर उपजा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर आयुक्त के तीन फैसले शुक्रवार को कार्यकारिणी की बैठक में पलट दिए थे। अब नगर आयुक्त ने मंडलायुक्त के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि तीनों फैसले शासन स्तर से हुए हैं। इन्हें पलटा नहीं जा सकता। समितियां बहाल नहीं हो सकती हैं।

महापौर का कहना है कि सदन और कार्यकारिणी से बढ़कर कुछ नहीं है। वह अध्यक्ष हैं और नियमों का पालन कराना उनका काम है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय का कहना है कि मंगल भवन की समितियां भंग करने का फैसला मंडलायुक्त की ओर से शासन को भेजे गए संस्तुति पत्र के आधार पर किया गया। इसमें मंडलायुक्त ने इन दोनों समितियों की गतिविधियों पर सवाल उठाए थे।

शासन का फैसला पलटा नहीं जा सकता
वैसे भी नगर निगम सदन में सिर्फ मंगल भवन के निर्माण ओर इसके लिए धनराशि का प्रस्ताव पास हुआ था। समिति बनाने का प्रस्ताव नहीं पास हुआ था। मंडलायुक्त के पत्र का मतलब शासन का आदेश है और शासन का फैसला पलटा नहीं जा सकता। उनका कहना है कि मंगल भवन की समितियां बहाल नहीं होंगी और इसका संचालन उनकी ओर से बनाई गई व्यवस्थाओं के तहत नगर निगम का संपत्ति विभाग ही करेगा।

तीनों ही फैसले शासन स्तर से हुए
कन्वेंशन सेंटर के मामले में भी अभी चयनित कंपनी ही कार्य करेगी, क्योंकि नगर निगम से स्मार्ट सिटी को हैंडओवर होने के बाद इसका फैसला स्मार्ट सिटी के बोर्ड की ओर से ही लिया गया है। वहीं, 15 प्रतिशत से नीचे टेंडर की व्यवस्था मई 2026 में पीडब्ल्यूडी के नए शासनादेश के तहत लागू की गई है और यह फैसला भी शासन से हुआ है। इस तरह तीनों ही फैसले शासन स्तर से हुए, इसलिए नगर निगम कार्यकारिणी या सदन में इन्हें नहीं पलटा जा सकता। अगर नगर निगम सदन से कार्यकारिणी में लिए गए फैसलों पर प्रस्ताव पास किया जाता है, तो यह मामला शासन में भेजा जाएगा। नियमानुसार जो भी कार्रवाई होगी, की जाएगी।

सदन और कार्यकारिणी से बढ़कर कुछ नहीं है। मैं अध्यक्ष हूं, नियमों का पालन कराना मेरा काम है। अगर यह निर्णय लेने थे तो सदन में लाते, तब निर्णय लिया जाता।  -प्रमिला पांडेय, महापौर 

जो निर्णय शासन से हुए हैं, उन्हें नगर निगम की कार्यकारिणी या सदन में बदला नहीं जा सकता। अगर नगर निगम के सदन में ऐसा किया जाता है तो मामला शासन के पास जाएगा।  -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त

Leave a Reply

Next Post

मजदूरी बढ़ाने की मांग: गल्ला मंडी में मजदूरों का धरना, सड़क की जाम

शेयर करेमांग पूरी न होने तक काम बंद रखने का ऐलान इंडिया रिपोर्टर लाइव आगरा, 11 अक्टूबर 2026। आगरा के अछनेरा गल्ला मंडी में मजदूरी की दरें बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार दोपहर को आक्रोशित मजदूरों मंडी के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। […]

You May Like

शादी का झांसा देकर 5 लाख से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़....|....स्कूल में प्रिंसिपल ने चोर गिरोह बनाया....|....बच्चों के भोजन में छिपकली मिलने के बाद एक्शन में खाद्य सुरक्षा टीम....|....डिप्टी सीएम आवास के सामने एएनएम का उग्र प्रदर्शन....|....नेपाल में फिर कुदरत का कहर: बाढ़ के साथ बहते दिखे घर और पुल....|....महाकाल की शरण में भारतीय खिलाड़ी....|....घर में घुस कर हत्या कर दी जा रही, पुलिस और सरकार मूकदर्शक - कांग्रेस....|....पहले बिजली बेचता था छत्तीसगढ़, भाजपा राज में खरीदना पड़ रहा - कांग्रेस....|....राम वन गमन पथ के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को तबाह कर रही है भाजपा सरकार - कांग्रेस....|....गंभीर मरीजों और उनके परिवारों का सहारा बना ‘सुकून निलया’