शिमला साइबर सेल में पांच शिकायतें

इंडिया रिपोर्टर लाइव
शिमला, 15 अक्टूबर 2026। चंद रुपयों की कमाई के लिए लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान निजी वीडियो साझा करना युवतियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीमिंग एप पर प्रसारित होने वाले वीडियो की दूसरे मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर उन्हें वयस्क सामग्री वाली साइटों पर अपलोड किए जाने के मामले सामने आए हैं। साइबर क्राइम सेल शिमला को पिछले दो महीनों में ऐसी पांच शिकायतें मिली हैं। पीड़ित युवतियों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी अनुमति के बिना वीडियो रिकॉर्ड कर अलग-अलग वेबसाइट पर अपलोड किए गए।
साइबर क्राइम सेल अब वेबसाइटों से वीडियो हटाने की प्रक्रिया में जुटा है। पुलिस के अनुसार, कई युवतियों को महीनों या वर्षों बाद पता चलता है कि लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान साझा किए उनके निजी वीडियो दूसरी वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं। इसकी जानकारी मिलने पर उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में युवतियों को परिचितों और अन्य लोगों से वीडियो के सार्वजनिक होने की जानकारी मिली। लाइव स्ट्रीमिंग एप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कमाई के लिए लाइव आने वाले युवाओं के वीडियो दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड किए जा सकते हैं।
कई एप पर प्रसारण के दौरान रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं होने के बावजूद स्क्रीन पर चल रहे वीडियो को बाहरी डिवाइस से रिकॉर्ड करना संभव है। इसके बाद इन वीडियो को अलग-अलग वेबसाइट पर अपलोड या प्रसारित किया जा सकता है।
शिकायतों की पुलिस जांच कर रही है। संबंधित वेबसाइटों से वीडियो हटाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय निजता का ध्यान रखें। ऑनलाइन साझा की सामग्री की रिकॉर्डिंग कर उसका दुरुपयोग किया जा सकता है। –अमित यादव, एसपी साइबर क्राइम
दो-तीन साल में तीन से चार लाख कमाए
साइबर क्राइम सेल पहुंची एक पीड़िता ने बताया कि वह कमाई के लिए लाइव स्ट्रीमिंग एप से जुड़ी थी। पिछले दो से तीन वर्षों में उसने इस माध्यम से तीन से चार लाख रुपये कमाए। कुछ समय पहले उसे पता चला कि लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान साझा किए उसके निजी वीडियो वयस्क सामग्री वाली साइटों पर उपलब्ध हैं। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की।
लाइव स्ट्रीमिंग करते इन बातों का रखें ध्यान
- एप में रिकॉर्डिंग का विकल्प नहीं होने पर भी दूसरे मोबाइल या डिवाइस से वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।
- निजी गतिविधियां, व्यक्तिगत जानकारी और पहचान उजागर करने वाले विवरण साझा करने से बचें।
- अधिक कमाई, गिफ्ट या बोनस के लालच में किसी के दबाव में आकर निजी सामग्री साझा न करें।
- निजी वीडियो प्रसारित करने की धमकी मिलने पर संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखें। दबाव में आकर पैसे देने के बजाय पुलिस से संपर्क करें।
- वीडियो के अनधिकृत प्रसार की शिकायत संबंधित वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से करें, ताकि सामग्री हटाने की कार्रवाई की जा सके।


