कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने की जांच की मांग

इंडिया रिपोर्टर लाइव
मुंबई, 24 अक्टूबर 2026। मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे द्वारा जारी ऑडियो क्लिप के बाद महाराष्ट्र में सियासी घमासान तेज हो गया है। इसमें दावा किया गया है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिये कथित तौर पर उन्हें 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। इस पर जरांगे ने आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और उनके आंदोलन को कमजोर करने के लिए ये साजिश रची गई।
कांग्रेस ने क्या मांग की?
इस मामले पर अब कांग्रेस नेता हुसैन दलवई की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, ‘इसकी जांच होनी चाहिए, इस तरह लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगाना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कुछ लोग एकनाथ शिंदे के खिलाफ हैं। अब एकनाथ शिंदे को ही तय करना चाहिए। महाराष्ट्र की राजनीति में पहले कभी पैसों के ऐसे मामले नहीं होते थे। 500 करोड़ रुपये के इस मामले की जांच होना बहुत जरूरी है।’ बता दें कि इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मनोज जरांगे को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि जरांगे अपने उस आरोप को साबित करें, जिसमें कहा गया है कि एकनाथ शिंदे ने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए और अपने बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिये यह रकम आगे पहुंचाई।
शिवसेना ने किया पलटवार
मामले पर शिवसेना नेता आनंद दुबे कहते हैं, ‘जब तक मनोज जारांगे-पाटिल मराठा समुदाय के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, तब तक सब उनके साथ खड़े थे। लेकिन जब से उन्होंने राजनीति में कदम रखा है, पूरे महाराष्ट्र को उनके असली इरादों, चरित्र और स्वभाव का पता चल गया है। हमारे मराठा भाई-बहन इतने नासमझ नहीं हैं कि वे अच्छे और बुरे के बीच फर्क न कर सकें।’ उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कल ही मुख्यमंत्री से मिला था। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि इस मामले की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भी यह वादा किया है। सच सामने आएगा; सब कुछ पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
मनसे ने क्या कहा?
इस पर मनसे नेता संदीप देशपांडे में कहा, ‘जो ऑडियो क्लिप वायरल है, उसकी फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं बनाई जा सकती। आपको उस व्यक्ति को बुलाना चाहिए जिसने वह ऑडियो क्लिप बनाई है और एक ‘पंचनामा’ तैयार करना चाहिए। लेकिन आपने अभी तक कोई पंचनामा तैयार नहीं किया है। ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है और न ही आपने मनोज जारांगे से वह ऑडियो क्लिप हासिल की है। आप किस तरह की फोरेंसिक जांच कर रहे हैं जो अदालत में भी टिक नहीं पाएगी? उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाने की मांग की।
ऑडियो में क्या आरोप लगे?
बता दें कि जालना की अंबड तहसील में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जरांगे ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग चलाई। साथ ही उन्होंने इस ‘साजिश’ की जांच की मांग की और ऑडियो में बोलने वाले लोगों की पहचान सामने लाने की मांग भी की थी। एक क्लिप में एक महिला कथित तौर पर दावा कर रही है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिये जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। रिकॉर्डिंग में 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले जरांगे के बढ़ते प्रभाव के संभावित राजनीतिक असर पर चर्चा होने का भी दावा किया गया है।


