
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 26 अप्रैल 2025। देश भर के 145 शहरों में नदियों की सफाई प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने शुक्रवार को कार्ययोजना को मंजूरी दी है। जल शक्ति मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से शुरू की गई 2025 कार्य योजना में नदियों पर केंद्रित मास्टर प्लानिंग (आरएसएमपी), क्षमता निर्माण और अंतर-शहर सहयोग पर जोर दिया गया है। इसके तहत शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं (यूआरएमपी) को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें इस वर्ष 25 नए शहरों को चिन्हित किया गया है और 60 अन्य शहरों के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसमें कहा गया है कि शहरी योजनाकारों और प्रशासकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तमिलनाडु में शुरू किया जाएगा, अन्य राज्य भी इसका अनुसरण करेंगे।
इस बारे में जल शक्ति मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि कुछ शहरों ने इस दिशा में पहले ही उल्लेखनीय प्रगति की है। कानपुर, अयोध्या, छत्रपति संभाजीनगर, मुरादाबाद और बरेली जैसे शहरों ने अपनी यूआरएमपी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में चल रहे खम नदी बहाली मिशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिसे विश्व संसाधन संस्थान (डब्ल्यूआरआई) के प्रतिष्ठित रॉस सेंटर प्राइज फॉर सिटीज से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत की नदी पुनर्जीवन पहलों की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
विश्व बैंक के सहयोग से गठित की गई हैं समितियां
मिशन को और गति देने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और प. बंगाल जैसे राज्यों में विशेष स्टीयरिंग समितियों का गठन किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए भी एक विशेष यूआरएमपी तैयार की जा रही है, जिसे अन्य महानगरीय शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना में नदियों को केवल जलधाराओं के रूप में नहीं, बल्कि समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में पुनर्परिभाषित किया जाएगा।
समन्वित प्रयासों के लिए एनएमसीजी जारी करेगा एडवाइजरी
समन्वित प्रयासों को सुनिश्चित करने के लिए एनएमसीजी की ओर से नदी बेसिन, जिला और शहर स्तर पर एक समेकित एडवाइजरी जारी की जाएगी। साथ ही सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के उद्देश्य से ‘मंडे स्पॉटलाइट्स’ नाम की एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत हर सप्ताह सफल नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं के केस स्टडी प्रकाशित किए जाएंगे।


