पौनी पसारी : फिर दिखेगी छत्तीसगढ़ के कारीगरों के हाथों की जादूगरी

indiareporterlive
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

रायपुर  25 नवम्बर 2020। इन दिनों बाजारों में मशीनों से बने खिलौनों, शिल्प, चित्रकारी से बनी वस्तुओं की भरमार देखने को मिलती है, लेकिन कभी इन वस्तुओं के निर्माण में हाथों की जादूगरी दिखाने वाले लोगों को हम भूल नहीं सकते। कुछ वर्षो पहले तक इनकी जिन्दगी आसान थी, हर क्षेत्र में बढ़ती तकनीकी दखलंदाजी ने इन्हें बड़ी आर्थिक मार दी है। वर्षों से समाज के लोगों के बीच सेवा देने वाले इन परिवारों को फिर से आर्थिक तरक्की के रास्ते पर लाने के लिए नई सरकार ने पौनी पसारी योजना शुरू की है।

आधुनिकता के साथ छत्तीसगढ़ में प्रचलित पौनी पसारी व्यवस्था लुप्त होते जा रही थी। पहले यह हमारी संस्कृति में समाया हुआ था। प्राचीन समय से ही यह परम्परागत कार्यों से जुड़े लोगों के रोजगार का साधन रही है। शहरी और ग्रामीण जीवन में इसकी विशेष महत्ता है। भले ही हम आधुनिकता के दौड में इन्हें भुला दिए हैं लेकिन इनकी उपयोगिता आज भी है।

राज्य के शहरी और ग्रामीण जनजीवन में मिट्टी के बर्तन, कपड़े धुलाई, जूते-चप्पल तैयार करना, लकड़ी से संबंधित कार्य, पशुओं के लिए चारा, सब्जी-भाजी उत्पादन, कपड़ों की बुनाई, सिलाई, कंबल, मूर्तियां बनाना, फूलों का व्यवसाय, पूजन सामग्री, बांस का टोकना, सूपा, केशकर्तन, दोना-पत्तल, चटाई तैयार करना तथा आभूषण एवं सौंदर्य सामग्री इत्यादि का व्यवसाय ’’पौनी-पसारी’’ व्यवसाय के रूप में मान्यता है।

शहरों में परम्परागत व्यवसाय करने वाले नाई धोबी, कुम्हार बढ़ई लोहार समुदायों को तरक्की की राह पर बराबरी से खड़ा करने के लिए पौनी पसारी योजना में नगरीय निकायों में उनके व्यवसाय के लिए शेड बनाकर दिया जा रहा है। यह योजना  प्रदेश के 14 नगर निगम सहित 168 नगरीय निकायों में क्रियान्वित की जा रही है। इन वर्गों के लोगों को वर्कशेड एवं चबूतरा निर्माण के लिए 73 करोड रूपए की मंजूरी दी गई है।    

परम्परागत रूप से शहरों में व्यवसाय करने वाले लोगों की खराब माली हालत को देखते हुए राज्य सरकार की इस पहल का इन कार्यों से जुड़े लोगों ने खुले दिल से स्वागत किया है। राज्य सरकार की इस पहल से गरीब और निम्न तबकों से ताल्लुक रखने वाले लोगों में सरकार के प्रति भरोसा जागा हैं। इन लोगों का कहना है इस प्रकार की व्यवस्था से गरीबों को राहत मिली है। यह योजना गरीबी और बेरोजगारी दूर करने वाली है।  

राज्य में अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। परम्परागत रूप से समाज की सेवा करने वाले इन वर्गों के लोगों के कौशल विकास के लिए भी इंतजाम किए गए है़। इनकी कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ ही इन्हें उनके कार्यों के मुताबिक अत्याधुनिक मशीने भी दी जा रही है। कुम्हारों को विजली से चलने वाले चाक हों या मिट्टी के सजावटी वस्तुओं में ग्लेजिंग पालिश इन कार्यों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। राज्य में छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों को आजीविका मिशन के जरिए आर्थिक मदद और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है।

Leave a Reply

Next Post

बिहार में भाजपा को मिला पहला स्पीकर, जानिए कौन हैं विजय सिन्हा

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव पटना 25 नवंबर 2020। बिहार में स्पीकर पद के लिए चुनाव के बीच आज भारी हंगामा देखने को मिला और आखिरकार  विजय कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लग गई। एनडीए उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा विधानसभ  के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। ऐसा पहली बार है जब […]

You May Like

रूस ने भारत को दिया Su-57 का ऑफर: राष्ट्रपति पुतिन बोले- मिलकर करेंगे काम, कोई नहीं रोक सकता....|....बंगाल में एनआईए का बड़ा एक्शन, बम विस्फोट मामले में टीएमसी का पूर्व विधायक गिरफ्तार....|....झांसी के होटल में खूनी खेल: पुरानी रंजिश में चाचा-भतीजे पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत... दूसरा गंभीर....|....ईरान-अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों का कम्पीटीशनः  IRGC बोला- दुश्मन के कई ठिकाने उड़ाए, यूएस ने भी.......|....टोरंटो में भारतीय उत्सव से दुनिया में छिड़ा विवाद, "कनाडा पर इंडिया का कब्जा..." टिप्पणी से मचा बवाल....|....मोरबी में दर्दनाक सड़क हादसा: आप नेता समेत पांच लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर; कार के उड़े परखच्चे....|....पीओके में तैनात किए जाएंगे 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी, लोगों में बढ़ी चिंता....|....युद्धविराम के बीच फिर भड़का तनाव, हिजबुल्ला ने इस्राइली लड़ाकू विमानों पर दागीं मिसाइलें....|....'परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं तेहरान': ट्रंप का बड़ा दावा- लगभग खत्म हो चुकी है ईरान की मिसाइल ताकत....|....यूएन में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग; भारत ने लगाई कड़ी फटकार, बोला- ये झूठ फैलाने का मंच नहीं