ओबीसी आरक्षण के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही मोदी सरकार, राज्यों को मिलेगी यह बड़ी ताकत

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 16 जुलाई 2021। केंद्र ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) लिस्ट पर राज्यों की शक्ति को बहाल करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन को अंतिम रूप दिया है। इसे मई में सुप्रीम कोर्ट ने ये कहकर खारिज कर दिया था कि राज्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) की लिस्ट तय नहीं कर सकती। बल्कि केवल राष्ट्रपति उस लिस्ट को नोटिफाई कर सकते हैं। 

कानून मंत्रालय ने की संशोधन की समीक्षा

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अनुच्छेद 342A में एक संशोधन तैयार किया है। इसके तहत राज्य सरकारों के पास संबंधित राज्य सूचियों में शामिल किए जाने के लिए ओबीसी या सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान करने की शक्ति है। जानकारी के अनुसार, कानून मंत्रालय ने इस संशोधन की समीक्षा की है।

संसद में पेश करने का समय अभी तय नहीं

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के रिपोर्ट में बताया कि सरकार संवैधानिक संशोधन की पूरी तैयारी कर चुकी है। बस इसे संसद में पेश करने के लिए समय तय करना बाकी है। बता दें कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में अब तक संविधान संशोधन को पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है।

संसोधन के SC ने किया था खारिज

दरअसल, इसी महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 324A की व्याख्या के आधार पर मराठा समुदाय के लिए कोटा को खत्म करने के अपने 5 मई के आदेश के खिलाफ केंद्र की समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया था। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए 2018 में संविधान में 102वें संशोधन के माध्यम से अनुच्छेद 324A लाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने तीन-दो के बहुमत से 102वें संशोधन को सही ठहराया था। बहुमत से 102वें संविधान संशोधन को वैध करार दिया मगर कोर्ट ने कहा कि राज्य  सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) की लिस्ट तय नहीं कर सकती। बल्कि केवल राष्ट्रपति उस लिस्ट को नोटिफाई कर सकते हैं। 

Leave a Reply

Next Post

अबकी बार, जनसंख्या कानून पर प्रचार...यूपी विधानसभा चुनाव का मुद्दा बनाने की तैयारी में बीजेपी

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 16 जुलाई 2021। उत्तर प्रदेश विधानसभ चुनाव से ठीक पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून पर चर्चा अब जोर पकड़ने लगी है। उत्तर प्रदेश और असम सरकार द्वारा प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून पर चल रही बहस के बीच इस विधेयक के पक्ष में बड़ी संख्या […]

You May Like

इंदौर में महिला की हत्या की आशंका, 25 दिन पहले हुआ था लव मैरेज....|....भोपाल के करोंद में रविवार को मटकी फोड़ का महासंग्राम....|....सीएम बोले-सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से रखेंगे पक्ष, बेहतर समाधान निकालेंगे....|....बाईपास की मांग को लेकर पदयात्रा का ऐलान पड़ा भारी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे को नोटिस....|....मृत भालू के नाखून काटकर ले गए थे आरोपी, वन विभाग ने दो को दबोचा....|....195वीं बटालियन सीआरपीएफ ने मनाया 20वां स्थापना दिवस....|....अब थाना बनेगा ‘एसपी ऑफिस’....|....वेतन एरियर जारी करने के बदले 10 हजार की रिश्वत....|....हथियारों का रास्ता छोड़ा, अब घर लौटे 50 पूर्व माओवादी....|....तुकाराम की राह पर चला बेंगलूरु खाद्य सुरक्षा विभाग