‘सभी को सुलभ हो न्याय’, सीजेआई चंद्रचूड बोले- हमारे न्याय शास्त्र ने कई देशों के फैसलों को प्रभावित किया

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 26 नवंबर 2022। देश के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा है कि सभी को न्याय सुलभ होना चाहिए। संविधान दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित समारोह में सीजेआई ने कहा कि हमारी अदालतों से जो न्यायशास्त्र निकला है, उसने दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में फैसलों को प्रभावित किया है। सीजेआई ने शनिवार को कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि न्याय प्रणाली सभी के लिए उपलब्ध हो। न्यायपालिका यह सुनिश्चित करने के लिए तरीके व तकनीक अपना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस समारोह का उद्घाटन किया, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समापन भाषण देंगी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के तिलक मार्ग पर स्थित है, लेकिन अब वर्चुअल तरीकों से वकीलों के लिए कहीं से भी मामले में बहस करना संभव हो गया है। मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए अब प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की जरूरत है। 

अब जिला न्यायपालिका को अधीनस्थ न्यायपालिका की मानसिकता से ऊपर उठाना होगा। आज प्रधानमंत्री वर्चुअल जस्टिस क्लॉक, JustIS मोबाइल एप 2.0, डिजिटल कोर्ट और वेबसाइटों को लांच करने यहां आए हैं। वह सभी को आश्वस्त करते हैं कि आज शुरू की गई पहल से वंचितों को न्याय मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। 

पं. नेहरू को किया याद
चंद्रचूड़ ने इस मौके पर देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को भी याद किया। आजादी के मौके पर पं. नेहरू के संबोधन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत हमसे अभी भी कुछ हद तक जुड़ा हुआ है। हमें वादों को पूरा करने के लिए काफी कुछ करना है। आजादी के पहले हाशिए पर खड़े लोगों के संघर्ष को बयां करते हुए कहा कि संविधान की नींव सबसे पहले उन्होंने ही रखी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर के एक कथन को याद किया। इसमें उन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड की चक्र लंबा है, लेकिन यह न्याय के आगे झुक जाता है।

न्याय को बढ़ाने के मिशन के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता: न्यायमूर्ति कौल
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा कि विधायी प्रभाव का अध्ययन करने और प्रस्तावित कानून के सामाजिक संदर्भ की जांच करने से अनावश्यक मुकदमेबाजी को  रोका जा सकता है। न्यायमूर्ति कौल संविधान दिवस के मौके पर एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।  न्यायमूर्ति कौल ने आगे कहा, न्याय तक पहुंच एक विकेंद्रीकृत अभ्यास है और न्याय को बढ़ाने के मिशन के लिए और अधिक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। 

Leave a Reply

Next Post

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने फिर उगला 'जहर', पहले वनडे में धवन-लक्ष्मण के फैसले पर उठाए सवाल

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 26 नवंबर 2022। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय 306 रन बनाने के बावजूद इस टोटल को डिफेंड नहीं कर सकी और न्यूजीलैंड ने सात विकेट से हराया। अब टीम इंडिया के हार पर इंग्लैंड […]

You May Like

मायावती ने मस्जिदों के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल, बोलीं-सरकार तुरंत रोके अभियान....|....दर्द का इलाज कराने गई महिला की 15 दिन बाद मौत....|....ब्यौहारी में गौशाला की मांग पर बवाल....|....जन्मअष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के डिस्प्ले बोर्ड पर दिखी ऊर्दू की आयतें, हिन्दू संगठनों की आपत्ति....|....पानी का पाउच उधार नहीं दिया तो भड़का युवक....|....लंदन स्क्वैश क्लासिक: क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हुईं अनाहत सिंह....|....सोने में तेजी का दौर अभी नहीं थमेगा....|....अर्जुन रामपाल: अभिनेता ने 'ओ साथी रे' को लेकर दी अपडेट....|....अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे यूरोपीय देश....|....सैन्य परिसर के अंदर जोरदार विस्फोट, 10 की मौत, 60 से ज्यादा घायल