
इंडिया रिपोर्टर लाइव
मुंबई 26 मई 2025। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय समाज में बढ़ रहे पश्चिमीकरण का विरोध किया है। उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश की प्रगति के लिए आधुनिकीकरण जरूरी है, लेकिन भारतीय समाज का पश्चिमीकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज के पश्चिमीकरण से उसके मूल मूल्य नष्ट हो रहे हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि आज भले ही वक्त बदल गया है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज और अहिल्याबाई होल्कर जैसी हस्तियों की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक बनी हुई हैं। उनकी प्रासंगिकता आज उनकी मजबूत मूल्य प्रणालियों के कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन मूल्य प्रणाली वही है।
अपने संबोधन के दौरान नितिन गडकरी ने अपनी एक इंग्लैंड यात्रा का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ वार्ता के दौरान उनसे भारत की सबसे बड़ी चुनौती के बारे में पूछा गया था। तब मैंने भारक की चुनौतियों में गरीबी, कुपोषण, बेरोजगारी, शिक्षा की कमी और अंधविश्वास और जनसंख्या वृद्धि जैसे कारक गिनाए। बाद में जब मैनें उनसे यही सवाल पूछा तो ब्रिटिश पीएम ने मुझे बताया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि युवा लोग शादी में दिलचस्पी नहीं रखते हैं और इसके बजाय लिव-इन रिलेशनशिप को प्राथमिकता देते हैं।
गडकरी ने कहा कि पश्चिमी देश बुनियादी ढांचे, बिजली और पानी की आपूर्ति, संचार, आईटी और जैव प्रौद्योगिकी में प्रभावशाली प्रगति की है, लेकिन सामाजिक मोर्चे पर गिरावट आई है। गडकरी ने दावा किया कि पश्चिम का सामाजिक जीवन तबाह हो रहा है।


