
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 28 जून 2025। भारतीय सेना ड्रोन हमलों से निपटने के लिए समाधान तलाश रही है। सेना इसके लिए अलग-अलग परीक्षण भी कर रही है। यह जानकारी शुक्रवार को शीर्ष रक्षा विशेषज्ञ सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वीजी खंडारे ने दी। उन्होंने बताया कि ये परीक्षण पाकिस्तान की तरफ से किए गए ड्रोन और लूटियर म्यूनिशन हमलों को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तानी ठिकानों पर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने ड्रोन और लूटियर म्यूनिशन हमले किए थे।
जमीनी स्तर पर सैनिकों की मौजूदगी की महत्ता कम नहीं
वरिष्ठ सैन्य अधिकारी खंडारे ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों या सेना ने सीमा पार नहीं की, फिर भी वे लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट करने में सक्षम रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी युद्ध में प्रगति के बावजूद जमीनी स्तर पर सैनिकों की मौजूदगी की महत्ता कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा, जब तक आप दुश्मन की जमीन पर जाकर कब्जा नहीं करते, तब तक वह क्षेत्र आपका नहीं माना जा सकता। इसलिए ‘बूट्स ऑन द ग्राउंड’ ही वास्तविक नियंत्रण को दर्शाते हैं।
‘विकसित भारत’ का लक्ष्य… ‘सुरक्षित भारत’ सुनिश्चित करना भी जरूरी
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के साथ-साथ ‘सुरक्षित भारत’ सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आज की वैश्विक परिस्थितियों में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र की अहमियत पर भी जोर देते हुए कहा कि अब यह क्षेत्र न केवल नागरिक, बल्कि सैन्य और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अनिवार्य होता जा रहा है।
पाकिस्तान ने ड्रोन और अन्य तकनीकों का उपयोग किया, भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब
बता दें कि हाल ही में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया था। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत नौ जगहों पर एयर स्ट्राइक की गई थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और अन्य तकनीकों का उपयोग कर जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, भारत ने स्वदेशी विकसित ‘आकाशतीर’ एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। पाकिस्तानी प्रोपगेंडा के खिलाफ भारत ने 33 से अधिक देशों में कूटनीतिक मुहिम भी चलाई। देश के सर्वदलीय शिष्टमंडल में शामिल सांसदों-राजनयिकों ने दहशतगर्दों के पनाहगाह पाकिस्तान की पोल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खोली।


