
इंडिया रिपोर्टर लाइव
ईटानगर 11 नवंबर 2025। पूर्वी हिमालय की दुर्गम पर्वतीय घाटियों में भारत की संयुक्त सैन्य क्षमता और समन्वित राष्ट्रीय संकल्प का शानदार प्रदर्शन जारी है। मुख्यालय पूर्वी कमान के तत्वावधान में चल रहा ‘एक्सरसाइज पूर्वी प्रचंड प्रहार’ देश की रक्षा तैयारियों और कई बलों के बीच सामंजस्य का जीवंत प्रतीक बन गया है।
जानें क्या है अभ्यास का उद्देश्य?
इस अभ्यास का उद्देश्य कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तेज गतिशीलता, संयुक्त अभियान और बहु-क्षेत्रीय संचालन की क्षमता को परखना है। वास्तविक मिशन आधारित परिदृश्यों के माध्यम से कई बलों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय को मजबूत करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
राष्ट्रव्यापी समेकित दृष्टिकोण- अभ्यास की प्रमुख विशेषता
अभ्यास की एक प्रमुख विशेषता है राष्ट्रव्यापी समेकित दृष्टिकोण, जिसके अंतर्गत सशस्त्र बलों के साथ अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों और नागरिक ढांचों की भूमिका को भी जोड़ा गया है। यह ढांचा इस बात पर बल देता है कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी घटकों का एकजुट और लचीला प्रतिक्रिया तंत्र कितना आवश्यक है।
रक्षा क्षमताओं का सशक्त प्रदर्शन
यह सतत चल रहा अभ्यास भारत की उच्च स्तर की तत्परता, अनुकूलनशीलता और व्यावसायिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह न केवल देश की रक्षा क्षमताओं का सशक्त प्रदर्शन है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत किसी भी उभरती चुनौती का सामना एकता, शक्ति और सेवा की भावना के साथ दृढ़ता से कर सकता है।


