नासा का आर्टेमिस 2 मिशन सुरक्षित धरती पर पहुंचा, प्रशांत महासागर में उतरे क्रू के सदस्य

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

वॉशिंगटन 11 अप्रैल 2026। नासा के चंद्र मिशन आर्टेमिस-2 के चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। 10 दिन के सफल अभियान के बाद उनका ओरियन अंतरिक्ष यान प्रशांत महासागर में उतरा। यह लैंडिंग स्थानीय समय अनुसार रात 8:07 बजे और भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे हुई। कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास हुई इस लैंडिंग का सीधा प्रसारण भी किया गया।

आधी सदी बाद ऐतिहासिक चंद्र यात्रा का समापन
यह आधी सदी से ज्यादा समय बाद इंसानों की पहली चंद्र यात्रा का समापन था। चार सदस्यीय दल के लिए यह एक ऐतिहासिक वापसी रही। मिशन के दौरान उन्होंने चंद्रमा के उस हिस्से को देखा, जिसे पहले कभी इंसानों ने नहीं देखा था। साथ ही उन्होंने पूर्ण सूर्य ग्रहण का भी अनुभव किया।

तेज रफ्तार वापसी और चुनौतीपूर्ण पल
कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन तेज रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण में दाखिल हुए। उनकी गति आवाज की गति से 33 गुना थी। उनका ओरियन कैप्सूल ‘इंटेग्रिटी’ स्वचालित तरीके से समुद्र में उतरा। वापसी के दौरान कैप्सूल बेहद गर्म गैसीय परत से घिर गया और कुछ मिनटों के लिए संपर्क भी टूट गया। इस दौरान सुरक्षा कवच पर सबकी नजर थी, जिसे बहुत ज्यादा तापमान सहना था।

बचाव टीम पहले से तैयार थी
सैन डिएगो तट के पास बचाव दल पहले से तैनात था। जहाज और हेलीकॉप्टर मौके पर मौजूद रहे। 1972 के बाद यह पहला मौका है, जब इस तरह चंद्र मिशन से वापसी हुई है। अंतरिक्ष यान बेहद तेज गति से लौटा। लेकिन धीरे-धीरे रफ्तार कम करते हुए सुरक्षित समुद्र में उतर गया।

चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत
यह मिशन 1 अप्रैल को फ्लोरिडा से प्रक्षेपित किया गया था। इसने चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत की है। इसे भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी ठिकाना बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह मिशन चंद्रमा पर उतरा नहीं। लेकिन इसने दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया। अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक पहुंचे।

भविष्य के मिशनों के लिए अहम कदम
अधिकारियों के मुताबिक, यह 10 दिन का अभियान अंतरिक्ष यान और रॉकेट की क्षमता को परखने के लिए किया गया था। इसमें चंद्रमा के पास से गुजरना भी शामिल था, जो आने वाले अभियानों के लिए बेहद जरूरी है। नासा की अधिकारी डॉ. लोरी ग्लेज ने कहा कि यह सफलता दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार कर रही है। अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कहा कि यह उपलब्धि पुराने अभियानों की विरासत को आगे बढ़ाती है और अंतरिक्ष खोज के नए दौर की शुरुआत का संकेत है। आर्टेमिस-2 मिशन को चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Next Post

'ईरानी ड्रोन गिराने में यूक्रेन ने की मदद', जेलेंस्की ने पहली बार स्वीकारा; रूस पर भी बोले

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव कीव 11 अप्रैल 2026। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि ईरान युद्ध के दौरान यूक्रेनी सेना ने पश्चिम एशिया के कई देशों में ईरानी डिजाइन वाले शाहेद ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने कहा, ये अभियान एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके […]

You May Like

मायावती ने मस्जिदों के ध्वस्तीकरण पर उठाए सवाल, बोलीं-सरकार तुरंत रोके अभियान....|....दर्द का इलाज कराने गई महिला की 15 दिन बाद मौत....|....ब्यौहारी में गौशाला की मांग पर बवाल....|....जन्मअष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर के डिस्प्ले बोर्ड पर दिखी ऊर्दू की आयतें, हिन्दू संगठनों की आपत्ति....|....पानी का पाउच उधार नहीं दिया तो भड़का युवक....|....लंदन स्क्वैश क्लासिक: क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हुईं अनाहत सिंह....|....सोने में तेजी का दौर अभी नहीं थमेगा....|....अर्जुन रामपाल: अभिनेता ने 'ओ साथी रे' को लेकर दी अपडेट....|....अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे यूरोपीय देश....|....सैन्य परिसर के अंदर जोरदार विस्फोट, 10 की मौत, 60 से ज्यादा घायल