
इंडिया रिपोर्टर लाइव
श्रीनगर 19 जून 2026। तीन जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए पहलगाम व बालटाल यात्रा मार्गों पर 45 माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने वीरवार को इन टीमों को रवाना किया। इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और बीएसएफ के जवान शामिल हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और बीएसएफ के जवान शामिल हैं। इन टीमों को दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के दोनों मार्गों पर 21 स्थानों पर तैनात किया जाएगा। एसडीआरएफ के निदेशक इम्तियाज हुसैन मीर ने श्रीनगर में प्रेसवार्ता में कहा कि हर साल की तरह इस बार भी टीमें तीर्थयात्रियों की मदद के लिए तैनात रहेंगी। श्रद्धालुओं को हर तरह की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। अगर कोई आपदा आती है, तो तुरंत कदम उठाने के साथ इससे निपटा जाएगा।
यात्रा के सफल आयोजन के लिए अन्य सुरक्षाबलों के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की भूमिका भी बेहद अहम है। ये माउंटेन रेस्क्यू टीमें विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं। इनमें से ज्यादातर जवानों को पहले भी तैनात किया जा चुका है। वे देश के हर कोने से यहां आने वाले तीर्थयात्रियों को हर तरह की सहायता देते हैं। खासकर आपातकालीन स्थितियों में। मीर ने बताया कि इस साल तैनाती के लिए अतिरिक्त प्रयास किए हैं। उपकरण भी बढ़ाए गए है। माउंटेन रेस्क्यू टीम को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे तीर्थयात्रियों को और अच्छी सेवाएं दे सकें।
निरंतर किया जा रहा अभ्यास
अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। घाटी में मॉक ड्रिल की जा रहीं हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी। इसे सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा तैयारियों, आपातकालीन बचाव व्यवस्था और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को परखने व मजबूत करने के लिए प्रशासन पूरी घाटी में मॉक ड्रिल कर रहा है। वीरवार को पुलवामा और कुलगाम में मॉक ड्रिल की गई है।
आपदा के समय मिलकर काम करना जरूरी
डीजीपी नलिन प्रभात ने आपदा के समय मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। कहा, पहाड़ी इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन के बढ़ते खतरों में रेस्क्यू टीमों की भूमिका अहम हो गई है। डीजीपी ने एसडीआरएफ व माउंटेन रेस्क्यू टीमों के काम की तारीफ की और गुलमर्ग रेस्क्यू ऑपरेशन में उनकी कोशिशों को सराहा। उन्होंने गुलमर्ग रेस्क्यू में शामिल सभी जवानों को सम्मान देने का वादा किया था। सम्मान के लिए चुने गए जवानों की लिस्ट मिल गई है और उन्हें मंजूरी भी दे दी गई है।
जम्मू-कश्मीर पर्यटकों से गुलजार
अमरनाथ यात्रा से पहले ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर्यटकों से गुलजार है। सैलानी ऑफबीट पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे हैं। बाबा बर्फानी की यात्रा शुरू होने के साथ संख्या बढ़ने के आसार हैं। इससे घाटी और जम्मू के पर्यटन स्थलों के कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। पटनीटॉप में सालाना 11 लाख तक पर्यटक पहुंचते हैं। इस बार गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के बाद यहां पर्यटकों की अच्छी संख्या रही है। मिनी स्विट्जरलैंड भद्रवाह में भी गर्मी का सीजन माकूल साबित हो रहा है। श्रीनगर से सोनमर्ग करीब 80 किलोमीटर दूर है। सोनमर्ग विकास प्राधिकरण के अनुसार इस वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में करीब तीन लाख पर्यटक पहुंच चुके हैं। पहलगाम अमरनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव है। अभी यात्रा शुरू होनी है, ऐसे में सबकी नजर इस पर टिकी है। जम्मू-कश्मीर के साथ ही देश भर से लद्दाख पहुंचने वाले सैलानी भी कम नहीं। वे रोमांच व साहस की तलाश में इस खूबसूरत और दुर्गम माने जाने वाले प्रदेश का रुख करते हैं।
इस वर्ष मई तक लद्दाख पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ी है। बीते साल इस महीने में वहां कुल 32,927 पर्यटक पहुंचे थे। इस बार 72,834 पर्यटक पहुंचे हैं। अगर पिछले और इस साल पर्यटकों की आमद की तुलना करें तो पिछले साल पहले पांच माह में 81,827 पर्यटक लद्दाख पहुंचे थे। इस साल यह आंकड़ा 1,17,546 रहा है।


