
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 28 जून 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र में सहकारिता आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का गुजरात में शुभारंभ किया। भारत टैक्सी का उद्देश्य टैक्सी, ऑटो और दोपहिया मोबिलिटी सेवाओं से जुड़े सारथियों को मालिकाना हिस्सेदारी, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि से जोड़ते हुए नागरिकों को विश्वसनीय और सेवा-भाव आधारित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात के सहकारिता मंत्री जीतूभाई वाघाणी, गुजरात के सहकारिता राज्य मंत्री रमेशभाई कटारा, सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, गुजरात के मुख्य सचिव मनोज दास, भारत टैक्सी के अध्यक्ष डॉ. जयेन मेहता सहित सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में सारथी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज भारत के मोबिलिटी क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के साथ टैक्सी और यातायात सेवाओं की आवश्यकता घर-घर तक पहुंची है और अब टैक्सी की अवधारणा चारपहिया वाहन तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोपहिया, ऑटो और अन्य शहरी परिवहन सेवाएं भी इसका हिस्सा बन चुकी हैं। गुजरात में ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ इसी व्यापक मोबिलिटी जरूरत को सहकारिता के माध्यम से नई दिशा देने वाला कदम है। अमित शाह ने कहा कि अन्य कंपनियां वाहन चलाने वालों को ड्राइवर मानती हैं, लेकिन भारत टैक्सी उन्हें ‘सारथी’ मानती है। उन्होंने कहा कि यह केवल शब्दों का अंतर नहीं, बल्कि पूरी सोच का अंतर है। ‘सारथी’ केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि इस सहकारी संस्था के सम्मानित भागीदार और ‘मालिक’ हैं। भारत टैक्सी का मूल उद्देश्य सारथियों और ग्राहकों—दोनों का शोषण रोकना, सेवा की गुणवत्ता बढ़ाना और मोबिलिटी क्षेत्र में न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करना है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर अनेक शिकायतें सामने आईं—कहीं सारथियों की कमाई से अत्यधिक कमीशन लिया गया, कहीं भुगतान समय पर नहीं पहुंचा, तो कहीं बिना सुनवाई के रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान केवल कानून से नहीं होता; कई बार सही संस्थागत मॉडल ही स्थायी समाधान देता है। इसी सोच से सहकारी मॉडल पर भारत टैक्सी की परिकल्पना की गई।
अमित शाह ने कहा कि सहकारिता ने देश में कई क्षेत्रों में शोषण समाप्त कर लोगों को अधिकार और समृद्धि दी है। अमूल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मात्र ₹100 के शेयर से सहकारी व्यवस्था से जुड़ने वाली ग्रामीण पशुपालक बहन आज ₹1.25 लाख करोड़ के कारोबार वाले विश्वसनीय खाद्य ब्रांड की भागीदार है। अमूल ने यह सिद्ध किया है कि सहकारिता के माध्यम से बिना बिचौलियों, बिना शोषण और पूरी पारदर्शिता के साथ एक विशाल आर्थिक व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। इस मॉडल ने दुग्ध क्षेत्र में शोषण को समाप्त किया और पशुपालक बहनों की मेहनत की कमाई को सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचाया। आज ग्रामीण भारत की पशुपालक बहन अपने श्रम का पूरा मूल्य सम्मान के साथ प्राप्त कर रही है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार इफको और कृभको जैसी सहकारी संस्थाएँ आज देश के किसानों की उर्वरक आवश्यकता का लगभग 35 प्रतिशत पूरा करती हैं। यह भी सहकारिता की एक बड़ी सफलता की कहानी है। भारत टैक्सी इसी सफल सहकारी परंपरा को मोबिलिटी क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यह सवाल उठाया कि भारत टैक्सी जैसी पहल के लिए संसाधन कहाँ से आएंगे। इस पर देश की प्रमुख सहकारी संस्थाओं से संवाद किया गया और उन्हें इस महत्वपूर्ण पहल से जुड़ने का आग्रह किया गया। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि एनसीडीसी, इफको, कृभको, एनडीडीबी, नाबार्ड, एनसीईएल और अमूल जैसी प्रतिष्ठित सहकारी संस्थाओं ने मिलकर मोबिलिटी क्षेत्र में सारथियों की अपनी सहकारी संस्था खड़ी करने का निर्णय लिया है, ताकि देश की बड़ी निजी कंपनियों के सामने एक सशक्त, पारदर्शी और सारथी-केंद्रित सहकारी विकल्प प्रस्तुत किया जा सके।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब तक भारत टैक्सी के साथ 7 लाख से अधिक सारथी जुड़े चुके हैं। । भारत टैक्सी सारथियों को सम्मान देगी, सुरक्षा देगी और आने वाले समय में समृद्धि का रास्ता भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि यह सहकारी संस्था सारथियों की कमाई की रक्षा करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में ऋण, बीमा और अपने व्यवसाय के विस्तार में भी सहयोग करेगी। अब तक लगभग 37 लाख से ग्राहक भारत टैक्सी की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और जनविश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।

