जिले में 40 से ज्यादा मरीज, 18 एक्टिव केस, MLA ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर उठाए सवाल

इंडिया रिपोर्टर लाइव
बिलासपुर, 07 अगस्त 2026। बिलासपुर जिले में मलेरिया का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कोटा क्षेत्र की 37 वर्षीय बैगा महिला की मलेरिया से मौत की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में मलेरिया के अब तक 40 मरीज मिल चुके हैं। जबकि, 18 एक्टिव केस है।
सिम्स में इलाज के दौरान महिला ने तोड़ा दम
कोटा विकासखंड के औरापानी गांव निवासी 37 वर्षीय रेखा बैगा को तबीयत बिगड़ने पर पहले गनियार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें सिम्स रेफर किया गया, जहां गुरुवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने महिला की मौत मलेरिया से होने की पुष्टि की है।
महिला की मौत के बाद एक बार फिर कोटा क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार को लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में भी एक नया मलेरिया मरीज मिला है। विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल 6 मामले सक्रिय हैं, जबकि कोटा ब्लॉक में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
17 वर्षीय छात्र की मौत पर भी मलेरिया का दावा
इधर, सीपत क्षेत्र के ग्राम अदराली निवासी 17 वर्षीय दिनेश ओडे (भगत) की मौत को लेकर भी मलेरिया की आशंका जताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक छात्र एक सप्ताह से तेज बुखार से पीड़ित था। पहले उसका इलाज सीपत के एक निजी अस्पताल में कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे सिम्स रेफर किया गया। 29 जुलाई को सिम्स ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। छात्र के नाना रामनाथ मरावी का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई थी। वहीं सिम्स प्रबंधन का कहना है कि छात्र को अस्पताल ब्रॉट डेड अवस्था में लाया गया था। सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी और मेडिकल रिकॉर्ड सिम्स से मंगाए गए हैं। जांच के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
विधायक अटल श्रीवास्तव ने उठाए सवाल
आदिवासी महिला की मौत के बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया रोकथाम के लिए समय रहते पर्याप्त तैयारी नहीं की गई, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण लगातार फैल रहा है। उन्होंने प्रभावित गांवों में तत्काल मेडिकल टीम भेजने, व्यापक स्क्रीनिंग, दवा वितरण और युद्ध स्तर पर रोकथाम अभियान चलाने की मांग की है।
कोटा के 72 गांव संवेदनशील, 40 से ज्यादा मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोटा ब्लॉक में पिछले कुछ दिनों में मलेरिया के मामलों में तेजी आई है। सोमवार को दो नए मरीज मिलने के बाद संक्रमितों की संख्या 40 से अधिक पहुंच गई है। इनमें 18 मरीज वर्तमान में सक्रिय हैं। कोटा ब्लॉक के 72 गांव मलेरिया प्रभावित श्रेणी में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें पिछले 10 दिनों से जंगल और दूरस्थ गांवों में शिविर लगाकर जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी बहरीझिरिया, कारीमाटी सहित कोटा क्षेत्र के कई गांवों में मलेरिया के कारण पांच लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में इस बार भी लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग के दावों और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


