
इंडिया रिपोर्टर लाइव
इंदौर, 10 अक्टूबर 2026। नियमों का पालन नहीं करने वाले मध्यप्रदेश के 65 अस्पतालों पर राज्य सरकार ने कार्रवाई की है। दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की कमेटी की बैठक में आयुष्मान हितग्राहियों को निर्धारित अवधि से लाभ नहीं देने और अनिवार्य NABH (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) मान्यता संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वाले कुल 65 अस्पतालों को योजना से असंबद्ध करने का निर्णय लिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई दो श्रेणियों में की गई है। पहली श्रेणी में ऐसे पांच अस्पताल शामिल हैं, जिन्होंने पिछले छह महीनों से आयुष्मान हितग्राहियों को योजनांतर्गत उपचार का लाभ प्रदान नहीं किया। दूसरी श्रेणी में 60 ऐसे अस्पताल हैं, जिन्होंने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा निर्धारित NABH एक्रिडिटेशन की अनिवार्यता का अनुपालन नहीं किया। अब इन अस्पतालों से लोगों को आयुष्मान का इलाज नहीं मिलेगा। इनमें इंदौर के भी बीस अस्पताल शामिल है।
दूसरी श्रेणी में उन 60 अस्पतालों को शामिल किया गया है, जिन्होंने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के नियमों का का पालन नहीं किया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन अस्पतालों को भी आयुष्मान योजना से असंबद्ध किया जाता है। जारी सूची में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के अस्पताल शामिल हैं। इंदौर के सेवाकुंज हॅास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर हॅास्पिटल,चोइथराम नेत्रालय, पाथ हॉस्पिटल, लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल,गीताभवन सहित बीस बड़े अस्पताल भी इस सूची में शामिल हैं।
आयुष्मान हितग्राहियों को पिछले छह महीनों से उपचार का लाभ प्रदान नहीं करने वाले पांच अस्पतालों को आयुष्मान सूची से बाहर किया गया है। इनमें भोपाल का शाल्या जॉइंट केयर, ग्वालियर का मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, नीमच का रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, शाजापुर का श्री डीपी केयर हॉस्पिटल और टीकमगढ़ का न्यू सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। इस कारवाई से लोगों को ही नुकसान हुआ है। अब वे इन अस्पतालों में सस्ता इलाज नहीं करा पाएंगे।


