
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कि नीव सरकारी अस्पतालों में जांच की दरों में बढ़ोतरी कई गंभीर सवाल खड़े करता हैं। क्योंकि जब हमारे पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार कि सार्वजनिक उपक्रम इकाई HLLने 69 प्रतिशत तक डिस्काउंट दिया तो भी उसे वहाँ काम नहीं दिया गया, तो छत्तीसगढ़ में मात्र 14 प्रतिशत छूट पर पांच साल के लिए लैब संचालक का काम क्यों दिया गया? वो भी बिना खुली प्रतिस्पर्धा और टेंडर के जिससे इस “सुशासन ”के सरकार के पारदर्शिता की पूरी पोल खोलता है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जिन जांचों की दरें पहले काफी कम थीं, इस भ्रष्टाचार के मॉडल से उनकी कीमतों में कई गुना वृद्धि की गई है। जो CBCजांच की दर 45 रुपये की थी वो अब बढ़कर 197 रुपये का कर दिया गया है। इसी तरह विटामिन-D, विटामिन- B12, 277 से बढ़कर 847 और 138 से बढ़कर 657 रूपये का हो गया है और भी कई अन्य जांचों की दरों में भी बड़ी बढ़ोतरी कि गयी है। यदि ये दरें लागू होती हैं, तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है, और साथ ही एक गरीब परिवार को मिलने वाली स्वास्थ्य अधिकारों पर सीधा हमला है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब से बीजेपी सरकार आयी है स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है कही अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है, कहीं जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, तो कहीं सरकारी अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिल रही, दूरस्थ के इलाकों में तो ऐसी स्थिति है समय पर स्वास्थ्य सुविधा न मिलने की वजह से मरीज को ग्रामीण अपने कंधे पर बैठा कर कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर होते हैं! और उसके बाद अगर सरकार इस तरह का भ्रष्टाचार का मॉडल अपनाती है तो यकीनन यह सरकार के खुली संरक्षण में गरीब मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, क्योंकि इसमें बिना टेंडर प्रक्रिया के मात्र कैबिनेट निर्णय लेकर मुहर लगा कर इस कंपनी को काम दे दिया गया। वो भी तब जब महाराष्ट्र में 77 और बिहार में 24 प्रतिशत तक का डिस्काउंट कंपनियों के द्वारा दिया गया। ग्रामीण अंचलों में भी इस कंपनी के द्वारा टियर 2 शहरों के हिसाब से दरे लगाई जायेगी जिससे राज्य सरकार को 20 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा, अब सरकार यह बताएं कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाली इकाई को दिए जाने वाला अतिरिक्त मुनाफा किसके खजाने में जा रहा है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि यह हाई लेवल लूट का नया मॉडल सरकार अपना कर जनता को लूट कर अपने चाहेतो को मुनाफा देने का काम कर रही है। स्वास्थ्य सेवाएं कोई सामान्य व्यापार नहीं हैं, ये उन गरीब मरीजों की आस है जो सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में जांच की कीमतों में वृद्धि जनता को स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों तरह से बोझ यह सरकार डाल रही है! सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए, न कि ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़े।


