950 किमी चलकर अयोध्या पहुंचेंगे

इंडिया रिपोर्टर लाइव
उज्जैन, 20 अक्टूबर 2026। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की बहुप्रतीक्षित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का आज विजयादशमी के पावन पर्व पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से विधिवत शुभारंभ हो गया। यात्रा शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर यात्रा की सफलता की कामना की ओर कन्या भोज के साथ साधु-संतों समेत सभी को भोज भी करवाया।
करीब 950 किलोमीटर लंबी यह ऐतिहासिक पदयात्रा लगभग 70 दिनों में भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में समाप्त होगी। इस दौरान यात्री रोजाना 15 किमी पैदल चलेंगे। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि मंदिरों में चढ़ावे, सोने की चोरी जैसी घटनाओं और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर निकाली जा रही है।
यात्रा की शुरुआत आज सुबह चिंतामण गणेश मंदिर में दर्शन से हुई। इसके बाद नृसिंह घाट स्थित बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और फिर श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद यात्रा को हरी झंडी दिखाई गई। पहला पड़ाव कानीपुरा में होगा। शहर में यात्रा का रूट पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, कमरी मार्ग, टंकी चौराहा, मिर्जा नईम बेग मार्ग, तेलीवाड़ा, कंठाल, निजातपुरा, कोयला फाटक, नगर निगम, गाड़ी अड्डा, दरगाह मंडी होते हुए कानीपुरा रोड रहेगा।
रथ पर राम दरबार और पांच पवित्र नदियों का जल
यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विशेष रथ है। भरत पोरवाल के निर्देशन में महावीर जैन और सतीश शर्मा द्वारा तैयार इस रथ पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मनोहारी प्रतिमाएं विराजमान हैं। साथ ही रथ पर गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा पांच पवित्र नदियों के जल से भरे कलश भी रखे गए हैं।
संतों और मुस्लिम समाज का भी समर्थन
पहले दिन यात्रा में करीब 3 हजार लोगों के शामिल होने का दावा है। आगे हर दिन ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 से 1500 लोग जुड़ेंगे। यात्रा को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती और अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि रामकृष्णानंद जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त है। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा समेत कई संत भी साथ चल रहे हैं। वहीं यात्रा में रायसेन से आईं फराह खान जैसी मुस्लिम महिलाओं की मौजूदगी ने इसे गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना दिया है। फराह ने कहा – यह सत्य की लड़ाई है, मुझे किसी तरह की धमकी नहीं मिली है।
यह है यात्रा का पूरा रूट
उज्जैन – तराना – शाजापुर – सारंगपुर – खुजनेर – राजगढ़ – चांचौड़ा – आरोन – अशोकनगर – चंदेरी – (MP से UP) तालबेहट – जेरोन – ओरछा – चिरगांव – उरई – कालपी – कानपुर देहात – लखनऊ देहात – बाराबंकी – अयोध्या।


