यूएन राजदूत बोले – भौगोलिक सीमाओं से पार हिंदी को मिली वैश्विक पहचान, इसने समावेशिता को दिया बढ़ावा

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 23 नवंबर 2024। संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। यूएन मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम में उसके  वैश्विक संचार विभाग (डीजीसी) के निदेशक इयान फिलिप्स ने कहा है कि हिंदी ने भौगोलिक सीमाओं को पार करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह एक व्यापक रूप से प्रशंसित भाषा बन गई है जो समावेशिता को बढ़ावा देती है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में लोगों को जोड़ने और सशक्त बनाने के लिए इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा हिंदी दिवस मनाने के लिए विशेष कार्यक्रम में भारतीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ।  इस प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष सांसद बीरेंद्र प्रसाद बैश्य ने इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों में हिंदी की लोकप्रियता पर चर्चा की। 

इस दौरान, संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग (डीजीसी) के निदेशक इयान फिलिप्स ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमस्कार दोस्तों’ के साथ की। आगे उन्होंने कहा कि हिंदी की वैश्विक पहुंच को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि दुनिया भर में 600 मिलियन से अधिक लोग यह भाषा बोलते हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी और मंदारिन के बाद यह दुनिया में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी पहली बार 1949 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोली गयी थी। फिलिप्स ने आगे कहा कि ऐसी दुनिया में जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता जोर पकड़ रही है, भारत को एक प्रमुख भूमिका के साथ उभर कर आया है। साथ ही हिंदी भाषा लाखों लोगों के साथ संवाद करने का एक प्रमुख जरिया बन गई है।  

वहीं, संयुक्त राष्ट्र में नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत लोक बहादुर थापा ने कहा कि हिंदी ने भारत और नेपाल के बीच लोगों से लोगों के संबंधों, जुड़ाव और संबंधों को और अधिक विस्तारित और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा ने हमारे लोगों के बीच आर्थिक अवसरों और गतिशीलता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके व्यापक उपयोग ने व्यापार, पर्यटन और सीमा पार व्यापार उद्यमों को सुविधाजनक बनाया है। थापा ने आगे कहा कि हिंदी ने सहज बातचीत और सहयोग को सक्षम बनाया है, जिससे क्षेत्र और उसके बाहर आर्थिक विकास और सामाजिक एकजुटता में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।

उन्होंने कहा कि हिंदी ने क्षेत्र और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास और सामुदायिक जुड़ाव सहित कई क्षेत्रों में आवश्यक भूमिका निभाई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र में मॉरीशस के स्थायी प्रतिनिधि जगदीश धरमचंद कुन्जुल ने कहा कि यह भाषा 19वीं शताब्दी में गिरमिटिया मजदूरों के साथ मॉरीशस पहुंची थी। कई चुनौतियों के बावजूद, अब वहां हिंदी खूब फली-फूली और न केवल संचार का साधन बन गई, बल्कि परंपराओं, आध्यात्मिकता और उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने का एक पुल बन गई। 

Leave a Reply

Next Post

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा, घरों को नुकसान पहुंचा; 18 लोगों की मौत

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव इस्लामाबाद 23 नवंबर 2024। पाकिस्तान से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले 24 घंटे में सांप्रदायिक हिंसा में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। जबकि 30 अन्य घायल हुए हैं।  पुलिस ने बताया कि अफगानिस्तान की सीमा […]

You May Like

'सीएम योगी की मां, हमारी भी मां'- मौलाना के विवादित बयान पर भड़के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, हरदोई में दी बड़ी चेतावनी....|....6 शादियां भी कम पड़ीं, अब 7वीं की तैयारी; थाने पहुंचा बेटा बोला- 'सर, मेरे पापा को रोकिए!'....|....कटनी में भीषण सड़क हादसा: कार-बाइक की टक्कर में चार लोगों की दर्दनाक मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल....|....आबकारी नीति मामला: सीबीआई के बाद अब ईडी भी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, 19 मार्च को होगी सुनवाई....|.... 'परिवर्तन यात्रा' से भाजपा का बड़ा चुनावी संदेश, भ्रष्टाचार और घुसपैठ पर ममता सरकार को घेरा....|....पश्चिम एशिया संकट गहराया, कतर से 1,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया....|....'अगर तेल रोका तो 20 गुना ज्यादा ताकत से करेंगे हमला', ट्रंप ने ईरान को दी नई धमकी; चीन से कही ये बात....|....सोशल मीडिया पर ईरानी हमलों का मना रहे थे जश्न, बहरीन में पांच पाकिस्तानी और एक बांग्लादेशी गिरफ्तार....|....ओडिशा में 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव: चार सीटों पर पांच उम्मीदवार मुकाबले में, किसी ने भी वापस नहीं लिया नाम....|....पश्चिम एशिया संकट: भारत में LPG आपूर्ति पर असर, चेन्नई-मुंबई-बंगलूरू के होटलों का काम पड़ा ठप; एक्शन में सरकार