
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 21 जून 2025। ईरान से 290 भारतीयों को लेकर एक विमान शुक्रवार देर रात दिल्ली पहुंचा। इसमें ज्यादातर छात्र हैं जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। ईरान ने एक विशेष पहल करते हुए 1,000 भारतीयों को निकालने के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया। इन भारतीयों को तीन चार्टर्ड विमानों से लाया जा रहा है, जिसमें से यह पहला विमान था। भारत ने इस्राइल और ईरान से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। इसके अलावा, शनिवार सुबह एक और फ्लाइट ईरान से भारतीयों को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। जैसे ही यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकले, उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए और राहत की सांस ली। कई लोगों ने सरकार और अधिकारियों का धन्यवाद किया। एयरपोर्ट पर चिकित्सा जांच और जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
ईरान पर इस्राइली हमलों के बाद भारतीयों को तेहरान से मशाद शहर ले जाया गया था। वहां से निकासी उड़ानें ईरान एयरलाइन महान की ओर से संचालित की जा रही हैं जिसका प्रबंध भारत ने किया है। मशाद से दो उड़ानों के शनिवार दिन में किसी समय नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, तुर्किमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से भारतीयों को लेकर एक और उड़ान भी आने वाली है। इस उड़ान से आने वाले भारतीयों को सड़क मार्ग से तेहरान से अश्गाबात पहुंचाया गया था।
ईरानी एयरलाइन महान की मदद से भारत लाए जा रहे छात्र
इस्राइल के हमलों के बाद भारतीयों को पहले तेहरान से मशहद लाया गया। इसके बाद ईरानी एयरलाइन ‘महान’ की मदद से उन्हें भारत लाया जा रहा है। इस ऑपरेशन का पूरा प्रबंध भारत सरकार द्वारा किया गया है।
सरकार का आभार
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने एक बयान में भारत सरकार का आभार जताया। संघ ने कहा, भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर हस्तक्षेप और सहायता के लिए हार्दिक धन्यवाद। उन परिवारों के लिए यह बड़ी राहत है जो बेसब्री से अपने बच्चों की वापसी का इंतजार कर रहे थे।
ईरान में 10,000 भारतीय
इससे पहले, भारत में ईरानी दूतावास के उप प्रमुख मोहम्मद जावेद हुसैनी ने कहा था कि हम भारतीयों को अपना नागरिक मानते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो भारतीयों की निकासी के लिए और उड़ानों को मंजूरी दी जा सकती है। ईरान में लगभग 10,000 भारतीय हैं, जिनमें 1,500-2,000 छात्र और 6,000 ऐसे लोग हैं जो वहां रहते और काम करते हैं।
ईरान में सभी भारतीय सुरक्षित
उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए ईरान भारतीय विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है। हम उन भारतीयों के सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था कर रहे हैं जो हवाई या सड़क मार्ग से तीसरे देशों या सीधे ईरान से निकलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। हालांकि, पिछले दिनों तेहरान में एक हॉस्टल पर इस्राइली हमले में कुछ भारतीय छात्र घायल हो गए थे। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को 110 भारतीय छात्रों को भारत वापस लाया गया, जिन्हें भूमि सीमा पार करके ईरान से आर्मेनिया ले जाया गया था।


