
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 21 जुलाई 2025। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी अध्यक्षता कर रहा पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर राग अलापने की ताक में हैं। बताया जा रहा है कि परिषद की जुलाई में होने वाली बैठक को लेकर पाकिस्तान ने कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। वहीं भारत भी कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देगा। इसके लिए अधिकारियों ने तैयारी कर ली है। पाकिस्तान को अस्थायी तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली है। इस बार पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक करानी है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने पर होने वाली बैठक में पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को उठा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने हाल ही में कहा था कि अब समय है कि कश्मीर विवाद को दूर किया जाए। यह सिर्फ पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है। हम अस्थायी तौर पर यहां हैं। इसलिए परिषद के स्थायी सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्रस्ताव पर काम करने के लिए उचित कदम उठाएं।
ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र के बीच समझौता कराने की तैयारी
पाकिस्तान ने इस बीच इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और संयुक्त राष्ट्र के बीच एक साझेदारी कराने की तैयारी भी की है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस समझौते की अध्यक्षता करेंगे। 1969 में गठित ओआईसी के सदस्यों में पश्चिम एशिया, अफ्रीका और एशिया के 57 देश शामिल हैं। इस समूह ने जम्मू-कश्मीर के मामले में भारत के रवैये पर बार-बार सवाल उठाए हैं।
संयुक्त राष्ट्र में जगह बनाना चाहता है ओआईसी
ओआईसी बीते काफी समय से संयुक्त राष्ट्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दे रहा है। नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया था, इसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, मानवाधिकार, आतंकवाद-निरोध और मानवीय मुद्दों पर ओआईसी के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान ओआईसी और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बीच क्षेत्रीय साझेदारी मजबूत करने पर जोर दे सकता है। वहीं भारत इसका करारा जवाब देने के लिए अन्य देशों के साथ बात कर सकता है।


