
इंडिया रिपोर्टर लाइव
चेन्नई 22 सितंबर 2025। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने भाजपा और एआईएडीएमके पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि डीएमके हमेशा मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा करेगी और उनके लिए नए अधिकार सुनिश्चित करने में सबसे आगे खड़ी रहेगी। स्टालिन ने भाजपा पर वक्फ कानून संशोधन को लेकर निशाना साधा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे केवल डीएमके और अन्य दलों की कानूनी लड़ाई के कारण मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन मुस्लिमों के खिलाफ साजिश थी। उन्होंने कहा कि डीएमके की पहल से ही सुप्रीम कोर्ट ने इसके विवादित प्रावधानों पर रोक लगाई। स्टालिन ने एआईएडीएमके पर आरोप लगाया कि उसने भाजपा के साथ मिलकर मुस्लिमों के हितों के साथ धोखा किया।
सीएए और ट्रिपल तलाक पर एआईएडीएमके को घेरा
स्टालिन ने एआईएडीएमके पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और ट्रिपल तलाक मुद्दे पर मुस्लिमों से विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीएए विरोध के दौरान मुस्लिमों पर लाठीचार्ज एआईएडीएमके शासन में हुआ। यही कारण था कि अनवर राजा जैसे नेता एआईएडीएमके छोड़कर डीएमके में शामिल हुए।
मुस्लिमों के कल्याण के लिए डीएमके की पहलें
स्टालिन ने कहा कि डीएमके शासन में मुस्लिमों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 3.5% आंतरिक आरक्षण, उर्दू बोलने वाले मुस्लिमों को बीसी सूची में शामिल करना, अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की स्थापना, उर्दू अकादमी और चेन्नई एयरपोर्ट के पास बन रहा हज हाउस शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि पैगंबर मोहम्मद पर पाठ्यक्रम की सामग्री पहले ही स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल की जा चुकी है।
धार्मिक और ऐतिहासिक संदर्भ
स्टालिन ने आगे कहा कि डीएमके संस्थापक सीएन अन्नादुरई और करुणानिधि पहली बार मिलाद-उन-नबी समारोह में मिले थे और इसी से पार्टी की बुनियाद मजबूत हुई। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं की प्रशंसा की और कहा कि पेरियार, अन्ना और करुणानिधि ने भी समानता और प्रेम के उन्हीं मूल्यों को बढ़ावा दिया।
फलस्तीन पर चिंता और संदेश
मुख्यमंत्री ने गाजा में फलस्तीनियों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस्राइल द्वारा की जा रही हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। स्टालिन ने कहा कि डीएमके हमेशा मुस्लिमों के साथ खड़ी रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी।


