
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 01 मार्च 2026। ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मौत के बाद पाकिस्तान में बवाल मच गया । कराची शहर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने धावा बोल दिया और तोड़फोड़ के बाद उसे आग लगा दी। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस अधिकारी मोहम्मद जवाद के अनुसार, झड़पों के दौरान कम से कम 8 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। हालात कई घंटों तक तनावपूर्ण बने रहे। ईरान सरकार ने Khamenei की मौत की पुष्टि करते हुए 40 दिन के राष्ट्रीय शोक और 7 दिन की छुट्टी की घोषणा की। ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। इजरायली सेना के अनुसार, दर्जनों मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कई को रोक लिया गया। तेल अवीव में एक महिला की मौत की पुष्टि हुई। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भी हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय रही और धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर ईरान को कड़ी चेतावनी दी। “अगर ईरान ने पहले से ज्यादा जोरदार हमला किया, तो हम ऐसी ताकत से जवाब देंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई।” ट्रंप ने इसे “ईरानी जनता के लिए अपने देश को वापस लेने का मौका” बताया।
इजरायल का बड़ा ऑपरेशन
इजरायल के सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने कहा कि सैकड़ों लक्ष्यों पर हमला किया गया। हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए, जिनमें सेना प्रमुख जनरल अब्दोल रहीम मौसवी और रक्षा मंत्री अज़ीज़ नासिरज़ादेह शामिल बताए जा रहे हैं। सऊदी अरब और जॉर्डन ने भी मिसाइल व ड्रोन हमलों को विफल करने का दावा किया। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरे के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान ने सैकड़ों नागरिकों की मौत का आरोप लगाया।


