गर्म चिमटे से उंगलियां दागने का आरोप; थाने पहुंचा मामला

इंडिया रिपोर्टर लाइव
उमरिया, 09 सितंबर 2026। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम रोहनिया में अंधविश्वास से जुड़ा एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव की रहने वाली सरोज बाई बैगा ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसे ‘सोधनिया’ यानी कथित डायन होने के शक में जबरन घर के अंदर ले जाकर बंधक बनाया गया। महिला ने शिकायत में मारपीट, बाल पकड़कर घसीटने और गर्म चिमटे से उंगलियां दागने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है मामला?
पीड़िता के अनुसार 30 अगस्त की शाम करीब 5 बजे वह अपने घर के पास रास्ते में थी। इसी दौरान कौशिल्या बाई ने उसे काम के बहाने अपने घर के भीतर बुलाया। महिला का आरोप है कि जैसे ही वह घर के अंदर पहुंची, वहां पहले से निरंजन सिंह, बिहारी सिंह, वीरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। सरोज बाई ने आरोप लगाया कि उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर घसीटा गया। इसके बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। महिला का यह भी दावा है कि अंधविश्वास के चलते उस पर ‘सोधनिया’ होने का आरोप लगाया गया और गर्म चिमटे से उसकी उंगलियों को दागा गया। इस दौरान कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज भी की गई।
पति को भी बुलाया, पिकअप से पंडा के पास ले जाने का दावा
शिकायत में महिला ने बताया कि कथित रूप से बंधक बनाए जाने के बाद उसके पति मुकेश बैगा को भी वहां बुलाया गया। इसके बाद दोनों को एक पिकअप वाहन में बैठाकर नयागांव स्थित एक पंडा के पास ले जाया गया। पीड़िता के अनुसार वहां उससे संबंधित कथित आरोपों की जांच कराई गई। महिला का दावा है कि पंडा ने उसे ‘सोधनिया’ नहीं बताया। इसके बाद दोनों को वापस लाया गया। महिला ने आरोप लगाया कि वापस लौटते समय उसके पति का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि घटना की जानकारी पुलिस को देने या शिकायत करने पर महिला और उसके पति को जान से खत्म करने की धमकी दी गई। पीड़िता ने मामला दबाने के लिए पैसों का लालच दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
थाने में सुनवाई नहीं होने का आरोप
सरोज बाई का कहना है कि उसने मामले को लेकर उमरिया कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और स्वयं तथा अपने पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। घटना के आरोप सामने आने के बाद एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और कथित डायन प्रथा के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


