
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 09 सिंतबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जिन डॉक्टरों को हम भगवान के समान दर्जा देते हैं, वही डॉक्टर अगर अस्पताल छोड़कर अपने हक के लिए सरकार के सामने विनती करने को मजबूर हों तो यह सरकार की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण है। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर कई दिनों तक प्रदर्शन करते रहे और सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन स्थगित किया, मगर उनकी जायज मांगों पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय यह सरकार आंख मूंदकर बैठी है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टर देशभर में सबसे कम स्टाइपेंड मिलने के बावजूद अस्पतालों में मरीजों की सेवा, आपातकालीन ड्यूटी और लगातार लंबे कार्य घंटों में काम करने को मजबूर हैं। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से चरमराई हुई है, सरकारी अस्पताल में दवाइयां नहीं मिल रही है, मलेरिया की वजह से लोगों की मृत्यु हो रही है एंबुलेंस ना मिलने की वजह से प्रसूता को कई किलोमीटर तक ठेले गाड़ी पर ले जाना पड़ रहा है और उसके बाद अगर स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन चिकित्सकों की मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं की जाती है तो यह चिकित्सकों के साथ-साथ गरीब मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति सरकार की जिम्मेदारी से भागना है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों ने भी बैठक कर जूनियर डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था, तत्पश्चात स्वास्थ्य मंत्री ने भी उनको स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया था, मगर आश्वासन मिलने के कई दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों पर विचार करने की बजाय प्रदर्शन में शामिल डॉक्टरों के स्टाइपेंड में कटौती और एक्सटेंशन जैसी कार्रवाई की जा रही है।एक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और उचित आर्थिक प्रोत्साहन देने से ही बनेगी, सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर डॉक्टरों की मांगों का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए तथा कटौती किए गए स्टाइपेंड का भुगतान कर तत्काल जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की घोषणा करे और एक्सटेंशन संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाए।


