कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

इंडिया रिपोर्टर लाइव
कोरबा, 17 सितंबर 2026। कोरबा जिले में आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ 7 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने यह ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया।
छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों से धोखा, लचर शिक्षा व्यवस्था, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, खराब सड़कें, बिजली बिल से हलाकान जनता, बढ़ता अवैध नशे का कारोबार और सड़क पर घूम रहे मवेशियों के व्यवस्थापन सहित 7 सूत्रीय मांगों को लेकर दिनांक 16 सितम्बर 2026 को ज्ञापन दिया जा रहा है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और कोरबा विधानसभा प्रभारी आनंद सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसान परेशान हैं, किसानों को इस साल भी महंगी यूरिया खाद लेना पड़ा। एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर धोखा बंद किया जाये, ताकि पिछले साल की भांति इस साल प्रदेश में किसानों को आत्महत्या न करना पड़े और यदि ऐसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर की होगी। गरीब बच्चों के लिए सरकारी शिक्षा सरकार ने पूरी तरह बर्बाद कर दी है, प्रदेश शिक्षा के मामले में 34वें नंबर पर है जो कि शर्मनाक है। पेपर लीक सरकार रोक नहीं पा रही है, स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटीलेटर पर है, हर तरफ जर्जर सड़कें हैं, सड़कों पर बैठे मवेशियों की जान जा रही है, बढ़े बिजली बिल से जनता त्रस्त है।
आम आदमी पार्टी की मुख्य 7 सूत्रीय मांगे है किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन को सरल किया जाये और रकबा समर्पण के नाम पर धोखा देना बंद किया जाये। सरकारी स्कूलों की बदहाली, शिक्षकों की कमी और गिरते शैक्षणिक स्तर में तुरंत सुधार किया जाये। अस्पतालों में डॉक्टरों, आवश्यक दवाइयों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को दूर किया जाये।
गौधाम योजना के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की जांच और आवारा मवेशियों के उचित रखरखाव का तुरंत बंदोबस्त किया जाये।राज्य की जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों की तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण किया जाये।बिजली के बढ़े हुए दामों और अनाप-शनाप बिलों को वापस लेकर जनता को राहत दिया जाये।बढ़ते नशे के कारोबार और मिलावटी शराब पर नियंत्रण किया जाये। ज्ञापन सौंपते हुए आप नेताओं ने मांग की है कि उक्त जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं ठोस कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री तक ज्ञापन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये, ताकि छत्तीसगढ़ की आम जनता एवं किसानों को राहत मिल सके।


