
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार कि महत्वाकांक्षी योजना “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” डबल इंजन सरकार के तहत विष्णु देव की सरकार में दम तोड़ती नजर आ रही है जिस योजना का मकसद लिंगानुपात में सुधार, बालिकाओं का माध्यमिक शिक्षा में नामांकन बढ़ाना, स्कूल छोड़ने की दर को कम करने का लक्ष्य था और जिसके तहत रायपुर जिले को ही हर महीने 60,000 रू. मिलते हैं आज उस योजना की हालत मात्र कागजों तक ही सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान जो नेता छात्राओं के भविष्य को लेकर चिंतित दिखते थे और युवाओं और छात्राओं को सपने दिखाते थे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का, अच्छे स्कूल भवनों का और छात्राओं के अनुकूल शिक्षण संस्था प्रधान करने का, आज सत्ता में आते ही वही लोग “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” जैसी योजना को अपनी बदनियति की वजह से ख़तम करने पर लगे है! छत्तीसगढ़ में छात्राएं शिक्षकों की कमी की वजह से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर है, तो कही जर्जर स्कूल भवन और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है! छात्राओं के अनुकूल शिक्षा का माहौल न मिलने की वजह से “ UDISE” (Unified District Information System for Education) की रिपोर्ट बताती है कि रायपुर जिले में ही माध्यमिक स्तर पर 11.6 प्रतिशत बालिकाएं स्कूल छोड़ रही है, इससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब रायपुर जिले कि ये हालत है तो प्रदेश के बाकी जिलों कि स्थिति क्या होगी?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जिस योजना का मकसद समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना है और जिसके लिए केंद्र सरकार हर महीने हर जिले को इस योजना को संचालित करने के लिए मदद देती है आज इसी योजना में सरकार में बैठे लोग और शिक्षा विभाग यह बताने में असफल हो रही है कि इस योजना के तहत समाज में बेटियों को आगे बढ़ाने कि सोच के प्रति कितना बदलाव आया है क्योंकि इस योजना का कोई भी ऑडिट या मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है, मात्र योजनाओं की खानापूर्ति करने से ही छात्राओं का भविष्य बेहतर नहीं होगा सरकार को छात्राओं के लिए उत्तम व्यवस्था और अनुकूल वातावरण देना होगा!


