76 साल बाद किया कौन सा कमाल? शतक के बाद सचिन तेंदुलकर को बताया आदर्श

इंडिया रिपोर्टर लाइव
ग्केबेरहा, 21 अक्टूबर 2026। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेंबा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ऐसी पारी खेली, जिसने उन्हें क्रिकेट इतिहास में खास जगह दिला दी। ग्केबेरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में मंगलवार को बावुमा ने 334 गेंदों पर 179 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका को मुश्किल परिस्थिति से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी इस पारी के साथ ही भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। साथ ही उन्होंने 76 साल पुराने एक रिकॉर्ड की बराबरी भी की। दिलचस्प बात यह है कि बावुमा ने अपनी बल्लेबाजी तकनीक पर बात करते हुए महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श बताया।
बावुमा की पारी ऐसे समय आई, जब दक्षिण अफ्रीका की टीम बारिश के कारण लंबे व्यवधान के बाद बल्लेबाजी करने उतरी और स्कॉट बोलैंड ने शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। मेजबान टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाज केवल 17 रन जोड़ सके। ऐसे में कप्तान ने जिम्मेदारी संभाली और अहम साझेदारियां करके टीम को संकट से बाहर निकाला। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी नौ विकेट पर 425 रन बनाकर घोषित की।
अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
बावुमा ने 36 साल और 154 दिन की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के तौर पर 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह उपलब्धि भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम थी, जिन्होंने 1998 में कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 163 रन बनाए थे। उस समय अजहरुद्दीन की उम्र 35 साल और 38 दिन थी। इस सूची में इंग्लैंड के वॉली हैमंड 240 रन, माइक डेनेस 188 रन और एंड्रयू स्ट्रॉस 161 रन की पारियों के साथ शामिल हैं। हालांकि, बावुमा ने उम्र के मामले में इन सभी को पीछे छोड़ दिया।
76 साल बाद कौन सा कमाल किया?
बावुमा ने दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट पारी के दौरान कप्तान के रूप में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों की सूची में भी दूसरा स्थान हासिल किया। उनसे आगे ऑस्ट्रेलिया के आर्थर लिंडसे हैसेट हैं, जिन्होंने 1950 में इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 167 रन बनाए थे। हैसेट की उम्र उस समय 36 साल और 187 दिन थी। बावुमा इस मैदान पर 76 साल बाद ऐसा कारनामा करने वाले पहले कप्तान बने।
सचिन तेंदुलकर की तकनीक अपनाने की कोशिश करते हैं बावुमा
अपनी शानदार पारी के बाद बावुमा ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी तकनीक से प्रेरणा लेते रहे हैं। उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी शैली में कौन-सी बातें अपनाई हैं। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने कहा कि वह सचिन की तरह तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी करने की कोशिश करते हैं।
बावुमा ने कहा, ‘हां, मेरा प्रयास रहता है कि मेरी तकनीक सचिन तेंदुलकर जैसी हो। मैं कद-काठी में बहुत बड़ा खिलाड़ी नहीं हूं, इसलिए मेरे लिए लंबे कदम लेना आसान नहीं है। मैं अपनी मूवमेंट को प्रभावी रखने की कोशिश करता हूं। कभी-कभी इससे मैं मुश्किल में भी पड़ जाता हूं, लेकिन आम तौर पर यही तरीका मेरे लिए काम करता है। मैं गेंद को अपने शरीर के जितना करीब हो सके, उतना करीब से खेलने की कोशिश करता हूं और उम्मीद करता हूं कि इससे मुझे सफलता मिलेगी।’
उनके इस बयान से स्पष्ट हुआ कि वह अपनी शारीरिक बनावट के अनुसार बल्लेबाजी तकनीक को ढालने पर जोर देते हैं। सचिन की तरह गेंद को शरीर के करीब खेलना और संतुलित मूवमेंट रखना उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है।
मुश्किल समय में कप्तान ने संभाली जिम्मेदारी
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के सामने दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। शीर्ष तीन बल्लेबाज केवल 17 रन जोड़ सके। ऐसे समय में बावुमा ने एक छोर संभाले रखा और पहले रयान रिकेल्टन, फिर मार्को यानसन तथा साइमन हार्मर के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। उन्होंने अपनी पारी को धैर्यपूर्वक आगे बढ़ाया और 179 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
अपनी पारी के बारे में बावुमा ने कहा, ‘हां, निश्चित रूप से यह टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका के लिए मेरी बेहतरीन पारियों में से एक है। मैच की स्थिति को देखते हुए यह पारी मेरे लिए खास रही। मैं पहले भी कई बार ऐसी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने आया हूं, जहां मुझे जल्दी क्रीज पर उतरकर किसी तरह 50 या 60 रन तक पहुंचने की कोशिश करनी पड़ती थी। इस बार अच्छी बात यह रही कि मैं अपनी पारी को आगे बढ़ा सका और उसे बड़े स्कोर में बदल पाया।’ बावुमा के अलावा मार्को यानसेन ने 85 और साइमन हार्मर ने 82 रन की अहम पारियां खेलीं। इन दोनों ने भी दक्षिण अफ्रीका को मुश्किल से निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


