कोयला घोटाले मामले की सुनवाई से जस्टिस केवी विश्वनाथन ने खुद को किया अलग; अब नई पीठ गठित करेंगे सीजेआई

Indiareporter Live
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 16 जनवरी 2025। कोयला घोटाले मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश केवी विश्वनाथन ने गुरुवार को सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उनका कहना है कि वह इस मामले में वकील के रूप में पेश हो चुके हैं। इन याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेशों में बदलाव की मांग की जा रही है, जिनके तहत हाईकोर्ट को कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े आपराधिक मामलों में ट्रायल कोर्ट के आदेशों के खिलाफ अपील सुनने से रोका गया था।

एक नई पीठ होगी गठित
मुख्य न्यायधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ में न्यायाधीश संजय कुमार और विश्वनाथन शामिल थे। सीजेआई ने कहा कि एक नई पीठ गठित की जाएगी, जो 10 फरवरी से शुरू हो रहे सप्ताह में मामलों की सुनवाई करेगी। 

एसएलपी दायर की गई हैं: खन्ना
पीठ ने अपीलों की सीमा और पहले के आदेशों के प्रभाव को लेकर विचार किया, जिसमें हाईकोर्ट को इन मामलों में हस्तक्षेप करने से रोका गया था। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को 2014 और 2017 के फैसलों से जुड़े सभी लंबित याचिकाओं का संकलन तैयार करने का आदेश दिया गया है। सीजेआई खन्ना ने कहा, ‘रजिस्ट्री उन सभी मामलों का संकलन तैयार करेगी, जिनमें 2014 और 2017 के फैसलों के संदर्भ में विशेष अनुमति याचिकाएं (एसएलपी) दायर की गई हैं। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि नई पीठ न्यायमूर्ति विश्वनाथन को बाहर रखेगी और इसका गठन 10 फरवरी 2025 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगा। अहम सवाल यह होगा कि क्या मुकदमे पर रोक लगाने की मांग करने वाला सीआरपीसी की प्रक्रिया के अनुसार नहीं चलेगा बल्कि इसके बजाय सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगा।

क्या बोले विश्वनाथन?
न्यायाधीश विश्वनाथन ने शुरुआत में कहा, ‘मैं कॉमन कॉज मामले में था। यह मामला ईडी का था, लेकिन फिर भी…। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में 1993 से 2010 के बीच केंद्र द्वारा आवंटित 214 कोयला ब्लॉकों को रद्द कर दिया था और विशेष सीबीआई जज से ट्रायल कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि ट्रायल या जांच पर रोक लगाने के लिए याचिका केवल सुप्रीम कोर्ट में ही दायर की जा सकती है, जिससे अन्य कोर्टों को इस तरह की याचिकाएं स्वीकार करने से रोक दिया गया था।

पीठ ने निर्देश दिया था कि जांच या सुनवाई पर रोक लगाने या बाधा डालने के लिए कोई भी प्रार्थना केवल सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष की जा सकती है, जिससे अन्य अदालतों को ऐसी याचिकाओं पर विचार करने से प्रभावी रूप से रोक दिया गया।

Leave a Reply

Next Post

सिंगापुर के राष्ट्रपति ने मुर्मू और पीएम मोदी से की मुलाकात; बोले- हम कभी नहीं भूलेंगे...

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर नई दिल्ली 16 जनवरी 2025। सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम अपनी पत्नी जेन युमिको इट्टोगी के साथ पांच दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वहीं, इस दौरान थर्मन का औपचारिक स्वागत किया गया।  […]

You May Like

मणिपुर में उपद्रवियों पर बड़े प्रहार की तैयारी, जवानों को खुली छूट....|....गृह मंत्री अमित शाह लॉन्च करेंगे LPMS, डिजिटल होगा भारत का बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम....|....टीएमसी नेता जहांगीर खान को STF ने भारत-नेपाल सीमा से दबोचा; जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तारी....|....चुनावी धांधली के दावों पर सबूत मांगने पर भड़के ट्रंप, पत्रकार को बताया 'भ्रष्ट'; बीच में छोड़ा इंटरव्यू....|....हिंदू संघर्ष समिति के 4 पदाधिकारी गिरफ्तार, रिहाई की मांग पर पीड़िता समेत लोगों ने किया चक्का जाम....|....गाजा में इस्राइली हमलों में नौ फलस्तीनियों की मौत; बेन ग्वीर के सोशल मीडिया पोस्ट पर छिड़ा विवाद....|....फिलीपींस में चार की मौत, 200+ घायल; 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट....|....रूस ने भारत को दिया Su-57 का ऑफर: राष्ट्रपति पुतिन बोले- मिलकर करेंगे काम, कोई नहीं रोक सकता....|....बंगाल में एनआईए का बड़ा एक्शन, बम विस्फोट मामले में टीएमसी का पूर्व विधायक गिरफ्तार....|....झांसी के होटल में खूनी खेल: पुरानी रंजिश में चाचा-भतीजे पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत... दूसरा गंभीर