
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 01 अगस्त 2025। देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने गुरुवार को कहा कि मध्यस्थता में विवादों को मुकदमेबाजी में बदलने से रोककर न्याय की पहुंच को बेहतर करने की शक्ति है। मध्यस्थता पर छठे अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल समर स्कूल के उद्घाटन समारोह में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता के उपयोग से पारंपरिक अदालतों पर बोझ कम होता है। उन्होंने कहा कि विवाद समाधान के तरीके के रूप में मध्यस्थता का उपयोग करने का सुसंगत दृष्टिकोण मुकदमेबाजी को कम कर सकता है।
मध्यस्थता जीवन कौशल भी है- सीजेआई
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न केवल एक व्यावसायिक कौशल है, बल्कि एक जीवन कौशल भी है, क्योंकि यह हमें धैर्यपूर्वक सुनना, सशक्त ढंग से संवाद करना और मतभेदों को रचनात्मक ढंग से सुलझाना सिखाता है। मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि भारतीय कानून और अदालतें लंबे समय से न्याय प्रदान करने के एक साधन के रूप में मध्यस्थता के महत्व को मानती रही हैं।
देश में मध्यस्थता को प्रोत्साहित करने की जरूरत- विकास सिंह
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि देश में मध्यस्थता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता में बार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मध्यस्थता पर छठें अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन स्कूल का आयोजन 31 जुलाई से 11 अगस्त तक 12 दिनों के लिए निवारण की ओर से आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन और सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र के सहयोग से आयोजित किया हो रहा है।


