
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 02 सितंबर 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान और चीन की चार दिवसीय विदेश यात्रा सोमवार शाम को समाप्त हो गई। चीन में उन्होंने 31 अगस्त से एक सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लिया और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी की इस यात्रा को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और कूटनीतिक कौशल का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की चीन यात्रा ने भारत और एससीओ के रिश्तों को और मजबूती दी है। ये भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी।
आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख
बता दें कि एससीओ सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद के वित्तपोषण और कट्टरपंथ पर ठोस कार्रवाई की बात कही। इसके साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात में दोनों नेताओं ने माना कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास भागीदार हैं। दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने आपसी सम्मान और स्थिर रिश्तों की वकालत की।
रूस से भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति
रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में पीएम मोदी ने कहा कि भारत-रूस सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने मालदीव, नेपाल, लाओस, वियतनाम, आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों के नेताओं से भी मुलाकात की और सुरक्षा, संपर्क और अवसर जैसे मुद्दों पर सहयोग को बढ़ाने की बात कही।
जापान यात्रा भी रही सफल
गौरतलब है कि इससे पहले 29-30 अगस्त को पीएम मोदी ने जापान का दौरा किया था, जहां उन्होंने भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात कही।


