
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 11 नवंबर 2025। सोमवार की शाम दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद इसे लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि दिल्ली में हुआ विस्फोट सीएनजी सिलेंडर में हुआ धमाका था और इस दावे के पक्ष में कहा गया कि दिल्ली के स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) रविंद्र यादव ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि अब सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
सरकार ने आधिकारिक जानकारी ही साझा करने की अपील की
पीआईबी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बताया गया है कि सीएनजी सिलेंडर में धमाके की बात फर्जी है। दिल्ली पुलिस के किसी भी अधिकारी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। घटना की जांच चल रही है। साथ ही लोगों से अलर्ट रहने की अपील की गई है और कहा गया है कि बिना किसी आधिकारिक और पुष्ट जानकारी के बिना कोई भी पोस्ट साझा न करें।
पीआईबी के अकाउंट पर साझा एक पोस्ट में कहा गया है कि दिल्ली धमाके की कुछ फर्जी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं। कुछ तस्वीरों को दिल्ली धमाके की तस्वीरें बताया जा रहा है, लेकिन वे लेबनान में साल 2024 में हुए धमाके की हैं। सरकार ने अपील की कि विश्वसनीय जानकारी ही सोशल मीडिया पर साझा करें।
सोमवार शाम लाल किला के पास हुआ धमाका
लाल किला के पास सोमवार शाम हुए धमाके की गूंज से दिल्ली सहम गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर एक कार में ब्लास्ट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि चार किलोमीटर दूर तक लोग दहशत में आ गए। आसपास मौजूद गाड़ियों में आग लग गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाके में 10 लोगों की मौत हुई है और कई घायल हैं। दिल्ली बम धमाके के तार फरीदाबाद के आतंकी नेटवर्क से जुड़ते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलवामा के जिस व्यक्ति ने धमाके में इस्तेमाल हुई कार खरीदी थी, वह भी पेशे से एक डॉक्टर है। वहीं फरीदाबाद में विस्फोटक के साथ पकड़ा गया आरोपी मुजम्मिल शकील और सहारनपुर से गिरफ्तार डॉक्टर आदिल भी डॉक्टर हैं और डॉक्टर आदिल का ताल्लुक भी जम्मू कश्मीर से है।


