
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 02 फरवरी 2026। भारतीय तटरक्षक बल ने पिछले 50 साल में समुद्री सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है। रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की 50वीं स्थापना दिवस पर देश की रक्षा में अहम भूमिका के लिए आईसीजी की तारीफ की। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने के लिए सराहना भी की। राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर में तटरक्षक बल ने अग्रिम रणनीतिक तैयारी की, पश्चिमी तट पर निगरानी बढ़ाई और समुद्री और खाड़ी क्षेत्रों में उच्च सतर्कता बनाए रखी। इस अवसर पर सिंह ने कहा कि यह ऑपरेशन सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतरीन समन्वय का उदाहरण था और यह साबित करता है कि आईसीजी वास्तव में हमारी समुद्री सीमाओं का अग्रिम रक्षक है।
तटरक्षक बल का 50 साल का सफर
बता दें कि 1 फरवरी 1977 को केवल 7 सतही जहाजों के साथ शुरू हुआ आईसीजी अब 155 जहाजों और 80 हवाई जहाजों का आधुनिक बल बन गया है। 2030 तक आईसीजी का लक्ष्य 200 जहाज और 100 हवाई जहाज हासिल करना है। आईसीजी ने अब तक समुद्र में 11,800 से अधिक जीवन बचाए हैं और आतंकवाद, हथियार और मानव तस्करी रोकने से लेकर समुद्री सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं में बचाव और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आईसीजी विश्वास की दीवार- सिंह
सिंह ने कहा कि आईसीजी विश्वास की दीवार है, जो भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा करती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले 25 वर्षों के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया जाए ताकि 2047 तक स्वतंत्रता के 100 वर्षों पर आईसीजी एक मजबूत और आधुनिक बल के रूप में उभर सके। इसके साथ ही सिंह ने इस अवसर पर आईसीजी का ‘स्वर्णिम जयंती’ लोगो भी जारी किया और स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया।
विशेष मौके पर कार्यक्रम
गौरतलब है कि इस अवसर पर राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव आर.के. सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और आईसीजी के महानिदेशक परमेश शिवमणि मौजूद थे। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तटरक्षक बल को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईसीजी हमारे तटों पर अडिग ढाल की तरह खड़ा है, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और समुद्री पारिस्थितिकी संरक्षण में इसकी प्रतिबद्धता सराहनीय है।


