रूसी तेल खरीद: भारत ने दोहराया पुराना रूख, कहा- विविधता जारी रहेगी; ट्रंप बोले- खरीदने पर फिर लगेगा टैरिफ

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 08 फरवरी 2026। अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को वापस लेने के बाद भी भारत ने यह साफ नहीं किया है कि वह रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करेगा या नहीं। शनिवार को भारत सरकार ने इस मुद्दे पर न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को हटाने का फैसला किया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ दिन पहले ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की थी। 

रूसी तेल खरीदा, तो फिर लगेगा 25 फीसदी टैरिफ :अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत के रूसी तेल की खरीद रोकने और व्यापार बाधाएं कम करने के बदले भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। अपने आदेश में ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल आयात रोकने, अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने के ढांचे पर सहमति जताई है। 

आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर अमेरिका के वाणिज्य सचिव को यह पता चलता है कि भारत ने फिर से रूसी तेल आयात शुरू किया है, तो भारत पर दोबारा 25 प्रतिशत शुल्क और अन्य कदमों पर विचार किया जा सकता है।

ट्रंप के दावे पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने ट्रंप के इस दावे पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। पूछे जाने पर उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि बाजार स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना भारत की रणनीति का हिस्सा है। भारत ने पहले भी स्पष्ट किया है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हितों और बाजार की परिस्थितियों पर आधारित है। पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद भारत ने रियायती दरों पर रूसी तेल की खरीद बढ़ाई थी, हालांकि हाल के हफ्तों में इसमें गिरावट दर्ज की गई है।

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