
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर 09 फरवरी 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक में एक बार फिर से यह घोषणा कर दी है कि 31 मार्च से पहले देश, नक्सल मुक्त हो जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार, केंद्रीय सुरक्षा बलों, पुलिस एवं दूसरी एजेंसियों को यह सलाह दी है कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए शाह ने कहा, यह बात ध्यान रखें कि शेष बचे माओवादी, अन्य राज्यों में न भागने पाएं।
सुरक्षा और विकास पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।
नक्सलवाद का अंत
डबल इंजन सरकार, देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। नक्सलवाद, अपने अंत के कगार पर पहुंच चुका है। माओवाद, आखिरी सांस ले रहा है। शाह ने कहा, कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।
समीक्षा बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित रहे।


