
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 09 मार्च 2026। अंतरराष्ट्रीय रक्षा अध्ययन संस्थान स्टॉकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान (Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) की नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की सेना अब लगभग पूरी तरह चीन के हथियारों पर निर्भर होती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार 2021-25 के दौरान पाकिस्तान के कुल हथियार आयात का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा चीन से आया, जबकि 2016-20 में यह हिस्सा 73 प्रतिशत था।
चीन के हथियारों का सबसे बड़ा ग्राहक पाकिस्तान
SIPRI के आंकड़ों के अनुसार चीन ने 2021-25 के दौरान 47 देशों को हथियार बेचे लेकिन उसके कुल हथियार निर्यात का 61 प्रतिशत केवल पाकिस्तान को गया यानी चीन का सबसे बड़ा रक्षा ग्राहक पाकिस्तान ही बना हुआ है।इस दौरान पाकिस्तान को चीन से कई बड़े सैन्य सिस्टम मिले, जिनमें लड़ाकू विमान CAC FC-1 Xiaolong, जिसे पाकिस्तान में JF-17 Thunder कहा जाता है, शामिल हैं। पाकिस्तान दावा करता है कि इस विमान का उत्पादन दोनों देशों ने मिलकर किया है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक
रिपोर्ट के अनुसार भारत वैश्विक हथियार आयात में 8.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है। हालांकि पिछले दशक में भारत के हथियार आयात में करीब 4 प्रतिशत की कमी आई है। इसका कारण भारत की बढ़ती घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता बताया गया है। फिर भी कई बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए भारत अभी भी विदेशी सप्लायर्स पर निर्भर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने फ्रांस से 140 तक लड़ाकू विमान खरीदने, जर्मनी से 6 पनडुब्बियां लेने
जैसे बड़े सौदे तय किए हैं।भारत ने पिछले दशक में अपने रक्षा आयात के स्रोत भी बदले हैं। भारत अब फ्रांस, इज़राइल और अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों से ज्यादा रक्षा खरीद रहा है।


