
इंडिया रिपोर्टर लाइव
बिजनौर 19 अप्रैल 2026। दिल्ली एयरपोर्ट पर शनिवार को दक्षिण अफ्रीका से लौटते ही संदिग्ध आतंकी मैजुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी था। मॉड्यूल से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी अभी भी विदेश में हैं। वे दोनों सऊदी अरब में हैं। उनकी भी गिरफ्तारी के लिए प्रक्रिया जारी है। एटीएस ने दो अप्रैल को राजधानी लखनऊ से संदिग्ध आतंकियों के मॉड्यूल का खुलासा किया था। मेरठ निवासी साकिब, अरबाब गौतमबुद्धनगर के लोकेश व विकास को गिरफ्तार किया था। एटीएस की तफ्तीश में खुलासा हुआ था कि पिछले साल नवंबर में इंस्टाग्राम लाइव का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया गया था।
वीडियो में साकिब के अलावा दुबई में बैठे आकिब, आजाद, बिजनौर निवासी मैजुल व अन्य लोग भी थे। इस केस में बिजनौर पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी थी। जब एटीएस ने खुलासा किया तो वह पुराना केस फिर से खोला गया। इसके बाद उवैद मलिक, जलाल हैदर और समीर को जेल भेजा गया था। मैजुल साउथ अफ्रीका में था। मैजुल, साकिब व आजाद के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए थे। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर मैजुल के पहुंचते ही उसकी गिरफ्तारी की गई। बिजनौर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में उसने आकिब के संपर्क में होने की बात स्वीकार की है। एडीजी ने बताया कि अब केस से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द सभी गिरफ्त में होंगे।
सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय, लोगों को भड़काता था
एटीएस ने खुलासा किया था कि साकिब का पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क आकिब ने कराया था। आकिब खुद इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया पर आकर देश विरोधी बातें करता था और लोगों को भड़काता था। मॉड्यूल के खुलासे के बाद भी दुबई में बैठकर आकिब अभी भी सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है। इंस्टाग्राम पर वीडियो व रील पोस्ट कर रहा है।
मैजुल को भी मिल चुकी थी क्लीन चिट
नवंबर 2025 में शस्त्र प्रदर्शन का केस बिजनौर के नांगल थाने में दर्ज हुआ था। आकिब के साथ मैजुअल को भी उस केस में क्लीन चिट मिल चुकी थी। एटीएस की कार्रवाई के बाद वह जांच की जद में दोबारा आया और अब वह धरा गया।
मैजुल पांच साल से दक्षिण अफ्रीका में रहकर सैलून में काम करता था
बिजनौर निवासी मैजुल पांच साल के बाद दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटा तो पकड़ लिया गया। एयरपोर्ट पर लेने के लिए पहुंचे परिवार वाले भी मायूस होकर घर को लौट आए। हालांकि यह सवाल बना हुआ कि मैजुल अब भारत में किस इरादे से आ रहा था क्योंकि, पुलिस ने उसका लुकआउट नोटिस पहले ही जारी कर दिया था। वह पांच साल पहले दक्षिण अफ्रीका में सैलून पर काम करने गया था। मैजुल के पिता भी विदेश में रहकर नाई का काम करते हैं। उसका एक भाई देहरादून में रहता है जबकि गांव में उसके दादा दादी, मां और छोटा भाई रहते हैं। विदेश जाने के बाद मैजुल ने मुड़कर नहीं देखा। चाहे ईद का त्योहार हो या परिवार में कोई कार्यक्रम, मैजुल ने घर आना गंवारा नहीं समझा। पुलिस की जांच में सामने आया कि उसने पांच साल में कोई रकम भी घर नहीं भेजी। वह परिवार और गांव से पूरी तरह से कट चुका था।
तीन पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
बिजनौर पुलिस ने उवैद मलिक निवासी टांडामाईदास, जलाल हैदर निवासी गांव मुंडा खेड़ा और समीर निवासी सुल्ताना का किला नजीबाबाद को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि इनामपुरा निवासी आजाद, मैजुल और आकिब के लुकआउट नोटिस जारी किए गए थे। आजाद और आकिब सऊदी अरब में रहते हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी होना बाकी है।
वीडियो में शामिल थे चार लोग
जिस वीडियो में आकिब ने एके 47 का प्रदर्शन किया था, उसमे मैजुल, आकिब, आजाद और उवैद मलिक जुड़े हुए थे। बता दें कि नवंबर में मेरठ के गांव सठला निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए वीडियो कॉल की। इसमें मैजुल भी जुड़ा था, जिसमें आकिब ने एके 47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया था।


