
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 04 जून 2026। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त हो चुका है, जबकि क्षेत्र में अब भी घातक हमले जारी हैं। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के समक्ष रूबियो ने कहा कि हम अब ईरान के भीतर उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए लगातार हमले नहीं कर रहे हैं, क्योंकि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म हो चुका है। अमेरिका और इस्राइल के इस युद्ध को वॉशिंगटन ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया था। 28 फरवरी को ईरान पर पहले हमले के बाद से यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया में फैल गया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया और खाड़ी के तेल और गैस परिवहन के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया।
रूबियो ने क्या कहा?
रूबियो ने कहा कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उनके अनुसार, ईरान के रक्षा औद्योगिक ढांचे को नष्ट किया गया, उसके मिसाइल लॉन्चरों और ड्रोन भंडार को भारी नुकसान पहुंचाया गया, जबकि उसकी बची हुई वायुसेना और पारंपरिक नौसेना को भी खत्म कर दिया गया।
डेमोक्रेट सांसदों ने रूबियो के दावे का किया विरोध
हालांकि, डेमोक्रेट सांसदों ने रूबियो के इस दावे का विरोध किया और कहा कि संघर्ष अभी भी जारी है। बुधवार को ईरान ने कुवैत के हवाई अड्डे पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 63 लोग घायल हो गए। इसे संघर्ष में बड़ा उछाल माना जा रहा है। वहीं, बहरीन में भी रातभर ईरानी ड्रोन हमले हुए। बहरीन और कुवैत दोनों देशों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है। कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद सारा जैकब्स ने रूबियो से कहा कि आप ऑपरेशन का नाम बदल सकते हैं, लेकिन इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद है और हमारे सैनिक अब भी खतरे में हैं।
रूबियो ने ईरान के साथ चल रही बातचीत के बारे में क्या बताया?
सुनवाई के दौरान रूबियो ने ईरान के साथ चल रही वार्ताओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बातचीत का केंद्र ईरान के उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार है और तेहरान ने अभी तक किसी शांति समझौते पर सहमति नहीं दी है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने लगभग हथियार-स्तर के संवर्धित यूरेनियम को सौंप दे, अपने परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण स्वीकार करे और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दे। रूबियो ने कहा कि इन मुद्दों पर दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ है, लेकिन बुधवार सुबह तक ईरानी पक्ष से अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी।
दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर बातचीत शुरू करने से पहले 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी किए जाने की मांग करता है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अंततः नष्ट कर दिया जाएगा।


