इटारसी में बरसात के लिए शिवलिंग को जल में डुबोया; अगले 4 दिन हैवी रेन का अलर्ट

इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल, 27 जुलाई 2026। मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में तेज बारिश हुई, जबकि सोमवार को 6 जिलों में हैवी रेन यानी भारी बारिश का अलर्ट है। IMD भोपाल के मुताबिक, अगले 24 घंटे में उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अनुमान है। इस बीच शहडोल जिले में रविवार को तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 11 साल का बच्चा भी शामिल है। सभी घटनाएं खेतों और खुले स्थानों पर हुईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र में पहली घटना झींक बिजुरी चौकी के ग्राम झींक में हुई। यहां धान की रोपाई कर रहे लोगों पर आकाशीय बिजली गिरने से किशन (28) पत्नी राकेश गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें झींक बिजुरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर नहीं मिलने पर जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर है।
प्रदेश में यह सिस्टम एक्टिव
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी एक्टिव है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी) सक्रिय होगा। इस वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट है।
प्रदेश में 15% बारिश कम
मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में औसत 13.2 इंच (334.9 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 15.5 इंच (395.2 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 2.3 इंच यानी, 15 प्रतिशत बारिश कम हुई है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13स प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
इटारसी में जल्द मेघ बरसाने के लिए भोलेनाथ से प्रार्थना
इटारसी में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में रविवार को तिलक सिंदूर क्षेत्र में बम बाबा समिति ने भगवान भोलेनाथ का विशेष जलाभिषेक और अनूठा धार्मिक अनुष्ठान किया। अच्छी वर्षा, किसानों की समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना के साथ शिवलिंग को पूरी तरह जल में डुबो दिया गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान भोलेनाथ को जल में विराजमान करने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है। रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की गई।


