कमर में लगाई थी नकली पिस्टल; राहगीरों ने खोली पोल

इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल, 01 अगस्त 2026। शाहपुरा थाना क्षेत्र में एलएलबी के एक छात्र सहित दो युवकों को पुलिसकर्मी बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करते हुए गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में से एक ने खुद को पुलिसकर्मी साबित करने के लिए कमर में नकली पिस्टल भी लगा रखी थी। राहगीरों को संदेह होने पर उन्होंने दोनों का वीडियो बनाया और पकड़कर शाहपुरा पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
‘मैं कोहेफिजा थाने में पदस्थ हूं’
जानकारी के अनुसार, सिविल ड्रेस में दो युवक शाहपुरा चौराहे पर राहगीरों और वाहन चालकों को रोककर वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। वे बिना हेलमेट वाहन चलाने या यातायात नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर वाहन चालकों से मौके पर ही रुपये वसूल रहे थे। लोगों को दोनों के पुलिसकर्मी होने पर संदेह हुआ तो उनसे पूछताछ की गई। इस दौरान एक आरोपी ने खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया। यह सुनकर लोगों का शक और गहरा हो गया, क्योंकि कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी शाहपुरा थाना क्षेत्र में इस तरह वाहन चेकिंग नहीं कर सकता था। जब दोनों युवक वहां से भागने लगे तो लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और शाहपुरा पुलिस के हवाले कर दिया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने बताया कि शाहपुरा चौराहे पर दोनों युवक पुलिसकर्मी बनकर अवैध वसूली कर रहे थे। आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पूछताछ में अमान खान ने बताया कि वह एमपी नगर स्थित एक आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है, जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वसूली करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
राहगीरों ने वीडियो बनाकर पकड़ा
राहगीरों को जैसे ही दोनों के नकली पुलिसकर्मी होने का संदेह हुआ, उन्होंने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड किया, जबकि अन्य ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें शाहपुरा थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोकते थे और हेलमेट नहीं पहनने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर मौके पर ही रुपये मांगते थे। हालांकि, उन्होंने किसी भी वाहन चालक का वैधानिक चालान नहीं काटा।
कब से कर रहे थे वसूली, पड़ताल शुरू
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पहली बार पुलिसकर्मी बनकर वसूली करने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस को आशंका है कि वे इससे पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इस संबंध में पुलिस आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले किन लोगों से संपर्क किया और कहीं पैसे के लिए दबाव बनाकर उगाही तो नहीं की। साथ ही दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।


