लोकपथ एप की 327 शिकायतें निपटाकर MP में रहा नंबर-1

इंडिया रिपोर्टर लाइव
उज्जैन, 19 अगस्त 2026। महाकाल की नगरी उज्जैन ने अब सड़कों की सूरत बदलने में भी नया कीर्तिमान रच दिया है। यदि आप सोचते हैं कि सरकारी विभागों में शिकायतों की फाइलें महीनों धूल खाती रहती हैं, तो उज्जैन के लोक निर्माण विभाग (PWD) का यह कारनामा आपकी सोच बदल देगा। सड़कों के गड्ढों और खराब रास्तों की ऑनलाइन शिकायतों के निपटारे में उज्जैन जिला पूरे मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अव्वल रहा है।
खराब सड़कों और गड्ढों की मरम्मत से जुड़ी 327 शिकायतें आई थीं
हाल ही में लागू की गई व्यवस्था के तहत पिछले पूरे माह में लोकपथ एप (Lokpath App) पर खराब सड़कों और गड्ढों की मरम्मत से जुड़ी कुल 327 शिकायतें आई थीं। उज्जैन PWD की विशेष टीम ने इन सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया और ऑनलाइन ही शिकायतकर्ताओं से उनकी संतुष्टि का फीडबैक भी लिया।
एप पर फोटो अपलोड कर विभाग तक पहुंच रही शिकायत
उज्जैन PWD के कार्यपालन यंत्री (EE) अजय यादव ने बताया कि एप पर दर्ज शिकायतों को बिना किसी देरी के सीधे मैदानी इंजीनियरों तक पहुंचाकर समय सीमा से पहले निराकरण कराने की सीधी जवाबदेही तय की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि आपको अपने आसपास या शहर में कोई भी खराब सड़क या गड्ढा दिखाई दे, तो गूगल प्ले स्टोर से ‘Lokpath App’ डाउनलोड कर लाइव फोटो अपलोड करके अपनी शिकायत सीधे विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
जानिए कैसे काम करता है PWD का नया क्विक-रिस्पॉन्स सिस्टम
विभाग ने शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए एक पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था तैयार की है।
- लाइव फोटो और लोकेशन: आम नागरिक किसी भी खस्ताहाल सड़क या खतरनाक गड्ढे के पास पहुंचकर लोकपथ एप के जरिए उसकी लाइव फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं।
- इंजीनियर को सीधा अलर्ट: एप पर शिकायत दर्ज होते ही मुख्यालय से संबंधित क्षेत्र के इंजीनियर को मैसेज और लोकेशन पहुंच जाती है।
- सात दिनों की सख्त डेडलाइन: संबंधित इंजीनियर को तय समयावधि (सामान्यतः 7 दिन) के भीतर गड्ढों का सुधार कार्य पूरा करना होता है।
- डिजिटल सबूत देना अनिवार्य: सड़क की मरम्मत के बाद अधिकारी को उसी स्थान की नई फोटो एप पर अपलोड करनी होती है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि मिलने के बाद ही सिस्टम में शिकायत को ‘बंद’ (Closed) माना जाता है।


