गोवा में धर्मांतरण विरोधी बिल मंजूर

इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के रोहतास निवासी सोमांश प्रकाश और वैशाली निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। दोनों वर्तमान में दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रह रहे थे। सीआईडी के मुताबिक, दोनों JSSC-CGL परीक्षा के संचालन से जुड़े थे। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2023 में 21 और 22 सितंबर 2024 को कथित अनियमितताओं की जांच एसआईटी कर रही है। इससे पहले सीआईडी ने मामले में मुख्य आरोपी अभय तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया था। अभय तिवारी उस समय गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में तैनात था। उसे 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसकी पत्नी और भाई की गिरफ्तारी 18 अगस्त को हुई थी।
गोवा विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी बिल मंजूर
पणजी। गोवा कैबिनेट ने जबरन या अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित ‘गोवा प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन्स ऑफ रिलिजन बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक 31 अगस्त से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया, प्रस्तावित कानून में दोषियों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, कम से कम 50 हजार का जुर्माना और पीड़ित को अधिकतम 5 लाख रुपये तक मुआवजा देने का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, जबरन धर्मांतरण में शामिल हिंदू पुजारी और मुस्लिम धर्मगुरु को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है।
मणिपुर में जनगणना से पहले NRC सुधारने की मांग
पूर्वोत्तर भारत में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत है। मणिपुर में मीरा पैबी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में जनगणना से पहले संशोधन की मांग की है। एनएच-2 मार्ग पर कोइरेंगेई गांव से लिबरल कॉलेज लुवांगसांगबाम गांव तक मशाल रैली न्याय और निष्पक्ष परिसीमन अभियान (जेएफडी) के तत्वावधान में उत्तर इम्फाल मीरा और क्लब समन्वय समिति द्वारा आयोजित यह रैली कोइरेंगेई से शुरू हुई और भारी पुलिस सुरक्षा के बीच एनएच-2 मार्ग पर आगे बढ़ते हुए लिबरल कॉलेज, लुवांगसांगबाम तक गई
फर्जी पुलिस SI बनकर MDMA जब्त करता, फिर बेच देता था युवक; गिरफ्तार
केरल के कोझिकोड में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर बताकर नशा तस्करों से MDMA जब्त करता और बाद में उसे बेच देता था। आरोपी की पहचान फेरोक के पास चुंगम कल्लिथोड निवासी रोजिथ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ युवाओं से वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान उसे गुरुवार रात रामनाट्टुकरा के वैद्यरंगाडी से पकड़ा गया। उसके पास से 2.5 ग्राम MDMA, हथकड़ी, एयर पिस्टल, फर्जी पुलिस पहचान पत्र और पुलिस वर्दी में उसकी तस्वीरें मिलीं। पुलिस उसके बैंक खातों और नशा तस्करों से संबंधों की जांच कर रही है।
कांग्रेस नेताओं के अश्लील डीपफेक वीडियो पोस्ट करने पर दो लोगों के खिलाफ केस
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को निशाना बनाकर कथित तौर पर अश्लील डीपफेक वीडियो पोस्ट करने के मामले में दो ‘एक्स’ अकाउंट धारकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तेलंगाना कांग्रेस के एमएलसी वेंकट बालमूर ने पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक, ‘भारत मैट्रिक्स’ और ‘भास्कर शास्त्री’ नाम के अकाउंट से कथित आपत्तिजनक वीडियो साझा किए गए। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने 27 अगस्त को आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले की जांच जारी है
क्या जिंदा है 1984 का फरार आरोपी सुकुमारा कुरुप? क्राइम ब्रांच करेगी जांच
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने फरार आरोपी सुकुमारा कुरुप के जिंदा होने की खबरों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को निर्देश दिया है। कुरुप पर 1984 में मावेलिक्करा के चाको की हत्या का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, हत्या कथित तौर पर अपनी मौत का झूठा दावा कर जीवन बीमा की रकम हासिल करने की योजना का हिस्सा थी। हाल में खबरें सामने आईं कि कुरुप ब्रुनेई में दूसरे नाम और पासपोर्ट के साथ रह रहा है। मंत्री ने कहा कि फिलहाल ये केवल अफवाहें हैं और इनकी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने क्राइम ब्रांच के एडीजीपी को जांच के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इंटरपोल से भी संपर्क किया जाएगा।
मणिपुर में NH-202 पर 58 FIR दर्ज, सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में बल तैनात
मणिपुर के उखरुल जिले में कुकी और नगा समुदायों के बीच फरवरी में शुरू हुए संघर्ष के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर हुई घटनाओं को लेकर 58 FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस ने यह जानकारी मणिपुर हाई कोर्ट में दाखिल स्थिति रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट के अनुसार, NH-202 उखरुल और कामजोंग जिलों को इंफाल से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। दो मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया है। हाईवे पर यातायात और जरूरी सामान की आवाजाही सुरक्षित रखने के लिए CRPF की दो, BSF की नौ कंपनियां तथा सेना और असम राइफल्स की आठ टुकड़ियां तैनात हैं। सुरक्षा बल सड़क खोलने और गश्त का काम कर रहे हैं।


