
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 13 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार प्रतिदिन 1600 प्रधानमंत्री आवास बनने का दावा करके प्रदेश के गरीबों को गुमराह कर रही है। सरकार के इस दावे की सच्चाई खुद भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा सदन में पूछे गये सवाल के जवाब से सामने आ गई है। 2011 के जनगणना को आधार मानकर छत्तीसगढ़ के लिए 18 लाख आवास का लक्ष्य तय किया गया था। 2015 से 2018 तक रमन सरकार के दौरान मात्र 2,37,000 ग्रामीण पीएम आवास तथा 19,000 शहरी पीएम आवास बने। 2018 से 2023 तक भूपेश सरकार ने 10 लाख से अधिक पीएम आवास बनाये थे। शेष लगभग 7 लाख आवास बनाने के लिए भूपेश बघेल सरकार ने बजट में 3234 करोड़ का प्रावधान किया तथा 7 लाख आवासहीनों के लिए मकान बनाने के लिए पहली किश्त अक्टूबर में ही भूपेश सरकार ने डाल दिया था। साय सरकार तो आवास के मामले में केवल बयान देने की राजनीति कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के बताए 1600 आवास प्रतिदिन आवास क्या छत्तीसगढ़ में नहीं बल्कि मंगल ग्रह पर बन रहे हैं? या फिर ये आवास सिर्फ सरकारी कागजों में बनाकर आंकड़ों की हेराफेरी की जा रही है? प्रदेश की जनता अब भाजपा सरकार से इसका हिसाब मांग रही है। यदि प्रतिदिन 1600 आवास बन रहे हैं तो ढाई साल में करीब 14 लाख 60 हजार आवास आखिर कहां हैं?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के समय 18 लाख नए पीएम आवास देने की गारंटी दी थी, लेकिन सरकार बनने के ढाई साल बाद भी गरीब अपने पक्के मकान का इंतजार कर रहा है। 18 लाख आवास की गारंटी भी भाजपा की अन्य चुनावी गारंटियों की तरह जुमला साबित हो रही है। गरीब के सिर पर पक्की छत नहीं आई, लेकिन भाजपा नेताओं के अच्छे दिन जरूर आ गये।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों को आवास देने के बजाय पुराने बने गरीबों के मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है। एक तरफ गरीब परिवार पक्के मकान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, दूसरी तरफ सत्ता में बैठे लोग आलीशान बंगलों में आराम फरमा रहे हैं। गरीब आवास की किस्त और पक्की छत ढूंढ रहा है, भाजपा नेता सत्ता की मलाई और अपना आवास ढूंढ रहे हैं।


