
इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल, 12 सितंबर 2026। राजधानी के पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय परिसर में संचालित कैंटीनों में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने वाले नए कैंटीन में का इस्तेमाल सैंडविच बनाने में किया जा रहा था, जिसकी इस्तेमाल की अवधि करीब 10 दिन पहले खत्म हो चुकी थी। वहीं, सड़ी प्याज भी मिली। कैंटीन में साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण में भी कमियां मिली हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और कैंटीन में स्वच्छता को लेकर मिली शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने परिसर में निरीक्षण और नमूना कार्रवाई की। नवीन कैंटीन में भोजन तैयार कराने के लिए सेलेब्रेशन इवेंट्स एंड एंटरटेनमेंट कैटरिंग की सेवाएं ली जा रही थीं। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं। टीम को कैंटीन में साफ-सफाई और हाइजीन की उचित व्यवस्था नहीं मिली। खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने में भी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान सैंडविच बनाने में इस्तेमाल की जा रही ब्रेड की खराब होने की अवधि करीब 10 दिन पहले समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद उसका उपयोग किया जा रहा था। पेयजल के लिए इस्तेमाल हो रही आरओ/वॉटर फिल्ट्रेशन प्रणाली और पानी की गुणवत्ता की भी जांच की गई।
दूसरी कैंटीन में भी मिली कमियां
महाविद्यालय परिसर में अंजने इंटीग्रेटेड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से संचालित दूसरी कैंटीन का भी निरीक्षण किया गया। यहां भी साफ-सफाई की कमी, खाद्य सामग्री के उचित भंडारण में खामियां और खाद्य निर्माण में लगे कर्मचारियों की निर्धारित स्वच्छ एवं उचित वेशभूषा का पालन नहीं होना पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों कैंटीन संचालकों को सुधार सूचना पत्र जारी कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।
मटर के आटे और रिफाइंड तेल के नमूने लिए
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए दोनों कैंटीनों में इस्तेमाल हो रहे मटर के आटे और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने लिए गए हैं। इन्हें खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।


